आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · मार्गशीर्ष
22 नवंबर 2027 का पंचांग
सोमवार · मार्गशीर्ष कृष्ण नवमी
22 नवंबर 2027, सोमवार को मार्गशीर्ष कृष्ण नवमी है, दोपहर 3:29 तक; उसके बाद दशमी। नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है, रात 8:44 तक। सूर्योदय सुबह 6:49 और सूर्यास्त शाम 5:25। राहु काल सुबह 8:08 से सुबह 9:28 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
त्योहार
इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं
अगला त्योहार: विवाह पंचमी · राम सीता विवाह, 3 दिसंबर 2027, शुक्रवार।
पंचांग
22 नवंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- मार्गशीर्ष कृष्ण नवमीदोपहर 3:29 तक, फिर दशमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीरात 8:44 तक, फिर उत्तरा फाल्गुनी
- योग
- वैधृतिशाम 4:44 तक, फिर विष्कंभ
- करण
- गरदोपहर 3:29 तक
- वार
- सोमवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)कार्तिक (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- सिंहसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- सूर्योदय
- सुबह 6:49
- सूर्यास्त
- शाम 5:25
- चंद्रोदय
- रात 12:47
- चंद्रास्त
- दोपहर 1:26
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:13 से सुबह 6:01 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:46 से दोपहर 12:28 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 1:53 से दोपहर 2:35 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 8:08 से सुबह 9:28 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 10:47 से दोपहर 12:07 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 1:27 से दोपहर 2:46 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। नवंबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
हिकायत सेरी राम
मलय · उनतालीस में से एक
मलय में लिखी रामकथा, हिकायत सेरी राम। हिकायत यानी सुनाई जाने वाली कहानी, इसलिए यह गद्य में है। यहाँ हनुमान सेरी राम के अपने बेटे हैं, और सीता सिति देवी। इसकी सबसे पुरानी पोथी 1633 से पहले की है, और केलंतान के छाया नाटक में इसके प्रसंग आज भी खेले जाते हैं।