पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · मार्गशीर्ष

21 नवंबर 2027 का पंचांग

रविवार · मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी

21 नवंबर 2027, रविवार को मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी है, शाम 5:20 तक; उसके बाद नवमी। नक्षत्र मघा है, रात 9:52 तक। सूर्योदय सुबह 6:48 और सूर्यास्त शाम 5:25। राहु काल शाम 4:06 से शाम 5:25 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: विवाह पंचमी · राम सीता विवाह, 3 दिसंबर 2027, शुक्रवार।

पंचांग

21 नवंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमीशाम 5:20 तक, फिर नवमी
नक्षत्र
मघारात 9:52 तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी
योग
ऐंद्रशाम 7:25 तक, फिर वैधृति
करण
कौलवशाम 5:20 तक
वार
रविवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)कार्तिक (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
सिंहसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
वृश्चिक
सूर्योदय
सुबह 6:48
सूर्यास्त
शाम 5:25
चंद्रोदय
इस दिन नहीं
चंद्रास्त
दोपहर 12:53

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 5:12 से सुबह 6:00 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:46 से दोपहर 12:28 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 1:53 से दोपहर 2:35 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
शाम 4:06 से शाम 5:25 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 12:07 से दोपहर 1:26 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
दोपहर 2:46 से शाम 4:06 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। नवंबर 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

रामावतार

ब्रजभाषा · उनतालीस में से एक

दसम ग्रंथ के चौबीस अवतार में बीसवाँ, राम अवतार। ब्रजभाषा में है और गुरमुखी लिपि में लिखा है, और परंपरा इसे गुरु गोबिंद सिंह की रचना मानती है। यह 1698 में सतलुज के किनारे, नैना देवी पहाड़ी के नीचे पूरा हुआ। इसमें पूरा सुंदरकांड एक ही छंद में है: हनुमान जी अँगूठी लेकर जाते हैं, नगर जलाते हैं, अक्षय कुमार को मारते हैं और लौट आते हैं। इसके आख़िरी सवैया और दोहा आज भी रोज़ रहरास साहिब में पढ़े जाते हैं।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

21 नवंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

21 नवंबर 2027, रविवार को मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी है, शाम 5:20 तक। उसके बाद नवमी लगती है।

21 नवंबर 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 21 नवंबर 2027 को राहु काल शाम 4:06 से शाम 5:25 तक है। यमगंड दोपहर 12:07 से दोपहर 1:26 तक और गुलिक काल दोपहर 2:46 से शाम 4:06 तक है।

21 नवंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

मघा नक्षत्र, रात 9:52 तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी।

21 नवंबर 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

विवाह पंचमी · राम सीता विवाह, 3 दिसंबर 2027, शुक्रवार को।