आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · मार्गशीर्ष
17 नवंबर 2027 का पंचांग
बुधवार · मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्थी
17 नवंबर 2027, बुधवार को मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्थी है, 18 नवंबर, रात 1:36 तक; उसके बाद पंचमी। नक्षत्र आर्द्रा है, 18 नवंबर, रात 3:18 तक। सूर्योदय सुबह 6:45 और सूर्यास्त शाम 5:27। राहु काल दोपहर 12:06 से दोपहर 1:26 तक है। इस दिन संकष्टी चतुर्थी, वृश्चिक संक्रांति है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
17 नवंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्थी18 नवंबर, रात 1:36 तक, फिर पंचमी
- नक्षत्र
- आर्द्रा18 नवंबर, रात 3:18 तक, फिर पुनर्वसु
- योग
- सिद्धसुबह 9:49 तक, फिर साध्य
- करण
- बवदोपहर 2:40 तक
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)कार्तिक (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- मिथुनसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- सूर्योदय
- सुबह 6:45
- सूर्यास्त
- शाम 5:27
- चंद्रोदय
- रात 8:22
- चंद्रास्त
- सुबह 9:56
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:09 से सुबह 5:57 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:44 से दोपहर 12:27 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 1:53 से दोपहर 2:36 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 12:06 से दोपहर 1:26 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 8:05 से सुबह 9:25 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 10:46 से दोपहर 12:06 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। नवंबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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इस दिन की रामकथा
तिब्बती रामकथा
तिब्बती · उनतालीस में से एक
तिब्बती में मिली रामकथा, जिसके पन्ने दुनहुआंग की उन गुफाओं से मिले जहाँ सदियों तक पुरानी पोथियाँ बंद पड़ी रहीं। यानी यह कथा रेशम वाले रास्ते पर चलते चलते हिमालय के उस पार तक जा पहुँची।