पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · कार्तिक

4 नवंबर 2027 का पंचांग

गुरुवार · कार्तिक शुक्ल षष्ठी

4 नवंबर 2027, गुरुवार को कार्तिक शुक्ल षष्ठी है, रात 9:38 तक; उसके बाद सप्तमी। नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है, दोपहर 3:25 तक। सूर्योदय सुबह 6:35 और सूर्यास्त शाम 5:34। राहु काल दोपहर 1:27 से दोपहर 2:49 तक है। इस दिन छठ पूजा, स्कंद षष्ठी है। समय नई दिल्ली के हैं।

पंचांग

4 नवंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
कार्तिक शुक्ल षष्ठीरात 9:38 तक, फिर सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ादोपहर 3:25 तक, फिर उत्तराषाढ़ा
योग
धृतिरात 8:03 तक, फिर शूल
करण
कौलवसुबह 8:31 तक
वार
गुरुवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
कार्तिक (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
धनुसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
तुला
सूर्योदय
सुबह 6:35
सूर्यास्त
शाम 5:34
चंद्रोदय
सुबह 11:47
चंद्रास्त
रात 10:20

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:59 से सुबह 5:47 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:43 से दोपहर 12:27 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 1:54 से दोपहर 2:38 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
दोपहर 1:27 से दोपहर 2:49 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 6:35 से सुबह 7:57 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 9:20 से सुबह 10:42 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। नवंबर 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

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सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

4 नवंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

4 नवंबर 2027, गुरुवार को कार्तिक शुक्ल षष्ठी है, रात 9:38 तक। उसके बाद सप्तमी लगती है।

4 नवंबर 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 4 नवंबर 2027 को राहु काल दोपहर 1:27 से दोपहर 2:49 तक है। यमगंड सुबह 6:35 से सुबह 7:57 तक और गुलिक काल सुबह 9:20 से सुबह 10:42 तक है।

4 नवंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, दोपहर 3:25 तक, फिर उत्तराषाढ़ा।

4 नवंबर 2027 को कौन सा त्योहार या व्रत है?

4 नवंबर 2027 को छठ पूजा, स्कंद षष्ठी है।