आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आश्विन
21 सितंबर 2027 का पंचांग
मंगलवार · आश्विन कृष्ण पंचमी
21 सितंबर 2027, मंगलवार को आश्विन कृष्ण पंचमी है, सुबह 6:43 तक; उसके बाद षष्ठी। नक्षत्र कृत्तिका है, शाम 6:13 तक। सूर्योदय सुबह 6:09 और सूर्यास्त शाम 6:20। राहु काल दोपहर 3:17 से शाम 4:48 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
21 सितंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आश्विन कृष्ण पंचमीसुबह 6:43 तक, फिर षष्ठी
- नक्षत्र
- कृत्तिकाशाम 6:13 तक, फिर रोहिणी
- योग
- वज्र22 सितंबर, सुबह 4:05 तक, फिर सिद्धि
- करण
- तैतिलसुबह 6:43 तक
- वार
- मंगलवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- आश्विन (पूर्णिमांत)भाद्रपद (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- वृषभसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- कन्या
- सूर्योदय
- सुबह 6:09
- सूर्यास्त
- शाम 6:20
- चंद्रोदय
- रात 9:33
- चंद्रास्त
- सुबह 11:08
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:33 से सुबह 5:21 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:50 से दोपहर 12:39 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:16 से दोपहर 3:05 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 3:17 से शाम 4:48 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 9:12 से सुबह 10:43 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 12:14 से दोपहर 1:46 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। सितंबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
फ़ोन पर Google का पन्ना ठीक से न खुले, तो यही बटन कंप्यूटर पर दबाइए। जुड़ते ही यह फ़ोन में भी दिखेगा।
जोड़ते समय “Remove Alerts” बंद कर दें (टिक हटा दें), तो बड़े त्योहारों की सुबह 7 बजे याद भी आएगी कि अपनों को कार्ड भेजना है।
- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल
इस दिन की रामकथा
अद्भुत रामायण
संस्कृत · उनतालीस में से एक
शाक्त परंपरा की कथा, सत्ताईस सर्गों की, जिसमें सीता केंद्र में हैं। यहाँ सीता मंदोदरी से जन्मी बताई गई हैं। लंका के बाद पुष्कर द्वीप पर हज़ार सिर वाला एक और रावण खड़ा होता है; राम बेहोश हो जाते हैं, और उसे महाकाली बनकर सीता गिराती हैं।