आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · भाद्रपद
25 अगस्त 2027 का पंचांग
बुधवार · भाद्रपद कृष्ण अष्टमी
25 अगस्त 2027, बुधवार को भाद्रपद कृष्ण अष्टमी है, शाम 7:20 तक; उसके बाद नवमी। नक्षत्र कृत्तिका है, दोपहर 12:28 तक। सूर्योदय सुबह 5:55 और सूर्यास्त शाम 6:51। राहु काल दोपहर 12:23 से दोपहर 2:00 तक है। इस दिन जन्माष्टमी (वैष्णव) है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
25 अगस्त 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- भाद्रपद कृष्ण अष्टमीशाम 7:20 तक, फिर नवमी
- नक्षत्र
- कृत्तिकादोपहर 12:28 तक, फिर रोहिणी
- योग
- व्याघातरात 9:50 तक, फिर हर्षण
- करण
- बालवसुबह 7:57 तक
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- भाद्रपद (पूर्णिमांत)श्रावण (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- वृषभसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- सिंह
- सूर्योदय
- सुबह 5:55
- सूर्यास्त
- शाम 6:51
- चंद्रोदय
- रात 11:37
- चंद्रास्त
- दोपहर 1:15
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:19 से सुबह 5:07 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:57 से दोपहर 12:49 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:32 से दोपहर 3:24 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 12:23 से दोपहर 2:00 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 7:32 से सुबह 9:09 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 10:46 से दोपहर 12:23 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अगस्त 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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इस दिन की रामकथा
अध्यात्म रामायण
संस्कृत · उनतालीस में से एक
दर्शन की तरफ़ झुकी हुई कथा, जो शिव पार्वती के संवाद के रूप में चलती है। यहाँ राम ब्रह्म हैं और सीता माया, इसलिए द्वार पर रोकने वाली भी पहले से जानती है कि जनक के घर जन्मी योगमाया हैं। इसका सुंदरकांड पाँच सर्गों का है।