आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · श्रावण
16 अगस्त 2027 का पंचांग
सोमवार · श्रावण शुक्ल चतुर्दशी
16 अगस्त 2027, सोमवार को श्रावण शुक्ल चतुर्दशी है, सुबह 10:29 तक; उसके बाद पूर्णिमा। नक्षत्र श्रवण है, रात 11:34 तक। सूर्योदय सुबह 5:51 और सूर्यास्त शाम 7:00। राहु काल सुबह 7:29 से सुबह 9:08 तक है। इस दिन श्रावण पूर्णिमा व्रत, सावन सोमवार है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
16 अगस्त 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- श्रावण शुक्ल चतुर्दशीसुबह 10:29 तक, फिर पूर्णिमा
- नक्षत्र
- श्रवणरात 11:34 तक, फिर धनिष्ठा
- योग
- सौभाग्य17 अगस्त, रात 12:41 तक, फिर शोभन
- करण
- वणिजसुबह 10:29 तक
- वार
- सोमवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- श्रावण (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- मकरसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- कर्क
- सूर्योदय
- सुबह 5:51
- सूर्यास्त
- शाम 7:00
- चंद्रोदय
- शाम 6:29
- चंद्रास्त
- सुबह 4:45
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:15 से सुबह 5:03 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:59 से दोपहर 12:52 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:37 से दोपहर 3:29 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 7:29 से सुबह 9:08 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 10:47 से दोपहर 12:25 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 2:04 से दोपहर 3:43 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अगस्त 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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इस दिन की रामकथा
रंगनाथ रामायण
तेलुगु, द्विपद छंद · उनतालीस में से एक
तेलुगु की पहली पूरी रामायण, द्विपद छंद में, जिसे गाकर सुनाया जाता है। इसीलिए यह दरबार की नहीं, लोगों की कथा लगती है। इसमें कई लोक प्रसंग जुड़े हैं, जैसे पुल बनाने में मदद करने वाली गिलहरी, और आज भी चमड़े की कठपुतलियों वाले नाटक इसके द्विपद गाते हैं।