आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · वैशाख
18 मई 2027 का पंचांग
मंगलवार · वैशाख शुक्ल त्रयोदशी
18 मई 2027, मंगलवार को वैशाख शुक्ल त्रयोदशी है, शाम 4:04 तक; उसके बाद चतुर्दशी। नक्षत्र चित्रा है, सुबह 11:43 तक। सूर्योदय सुबह 5:29 और सूर्यास्त शाम 7:06। राहु काल दोपहर 3:42 से शाम 5:24 तक है। इस दिन नरसिंह जयंती है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
18 मई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- वैशाख शुक्ल त्रयोदशीशाम 4:04 तक, फिर चतुर्दशी
- नक्षत्र
- चित्रासुबह 11:43 तक, फिर स्वाती
- योग
- व्यतीपातरात 11:56 तक, फिर वरीयान
- करण
- तैतिलशाम 4:04 तक
- वार
- मंगलवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- वैशाख (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- तुलासूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- वृषभ
- सूर्योदय
- सुबह 5:29
- सूर्यास्त
- शाम 7:06
- चंद्रोदय
- शाम 5:17
- चंद्रास्त
- रात 3:37
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:53 से सुबह 4:41 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:51 से दोपहर 12:45 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:34 से दोपहर 3:28 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 3:42 से शाम 5:24 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 8:53 से सुबह 10:36 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 12:18 से दोपहर 2:00 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मई 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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इस दिन की रामकथा
यम ज़ातदो
बर्मी · उनतालीस में से एक
बर्मा की रामकथा, जिसका नाम यम ज़ातदो है, यानी राम की जातक कथा। बर्मा में यह कथा मंच की कथा है, और वहाँ के लोग इसे अपनी जातक कथाओं में गिनते हैं। लिखे हुए पाठ से ज़्यादा यह खेली जाने वाली कथा है।
