आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · चैत्र
17 अप्रैल 2027 का पंचांग
शनिवार · चैत्र शुक्ल एकादशी
17 अप्रैल 2027, शनिवार को चैत्र शुक्ल एकादशी है, सुबह 9:28 तक; उसके बाद द्वादशी। नक्षत्र मघा है, सुबह 7:08 तक। सूर्योदय सुबह 5:54 और सूर्यास्त शाम 6:48। राहु काल सुबह 9:08 से सुबह 10:44 तक है। इस दिन कामदा एकादशी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
17 अप्रैल 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- चैत्र शुक्ल एकादशीसुबह 9:28 तक, फिर द्वादशी
- नक्षत्र
- मघासुबह 7:08 तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी
- योग
- वृद्धि18 अप्रैल, रात 12:24 तक, फिर ध्रुव
- करण
- विष्टि (भद्रा)सुबह 9:28 तक
- वार
- शनिवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- चैत्र (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- सिंहसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मेष
- सूर्योदय
- सुबह 5:54
- सूर्यास्त
- शाम 6:48
- चंद्रोदय
- दोपहर 3:21
- चंद्रास्त
- रात 3:26
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:18 से सुबह 5:06 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:55 से दोपहर 12:47 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:30 से दोपहर 3:22 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 9:08 से सुबह 10:44 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 1:58 से दोपहर 3:34 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 5:54 से सुबह 7:31 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अप्रैल 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
फ़ोन पर Google का पन्ना ठीक से न खुले, तो यही बटन कंप्यूटर पर दबाइए। जुड़ते ही यह फ़ोन में भी दिखेगा।
जोड़ते समय “Remove Alerts” बंद कर दें (टिक हटा दें), तो बड़े त्योहारों की सुबह 7 बजे याद भी आएगी कि अपनों को कार्ड भेजना है।
- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल
इस दिन की रामकथा
महाभारत, रामोपाख्यान
संस्कृत · उनतालीस में से एक
महाभारत के वन पर्व में आई छोटी रामकथा, जिसे मार्कंडेय ऋषि युधिष्ठिर को सुनाते हैं। पूरी कथा सात सौ चार श्लोकों में आ जाती है।