पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · चैत्र

4 अप्रैल 2027 का पंचांग

रविवार · चैत्र कृष्ण त्रयोदशी

4 अप्रैल 2027, रविवार को चैत्र कृष्ण त्रयोदशी है, 5 अप्रैल, सुबह 5:24 तक; उसके बाद चतुर्दशी। नक्षत्र शतभिषा है, शाम 4:33 तक। सूर्योदय सुबह 6:08 और सूर्यास्त शाम 6:41। राहु काल शाम 5:07 से शाम 6:41 तक है। इस दिन प्रदोष व्रत है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन के त्योहार और व्रत

पंचांग

4 अप्रैल 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
चैत्र कृष्ण त्रयोदशी5 अप्रैल, सुबह 5:24 तक, फिर चतुर्दशी
नक्षत्र
शतभिषाशाम 4:33 तक, फिर पूर्वा भाद्रपद
योग
शुभसुबह 10:14 तक, फिर शुक्ल
करण
गरशाम 5:00 तक
वार
रविवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
चैत्र (पूर्णिमांत)फाल्गुन (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2083
चंद्र राशि
कुंभसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
मीन
सूर्योदय
सुबह 6:08
सूर्यास्त
शाम 6:41
चंद्रोदय
सुबह 4:25
चंद्रास्त
शाम 4:19

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:32 से सुबह 5:20 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:59 से दोपहर 12:50 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:30 से दोपहर 3:20 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
शाम 5:07 से शाम 6:41 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 12:24 से दोपहर 1:59 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
दोपहर 3:33 से शाम 5:07 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अप्रैल 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

जगमोहन रामायण

ओड़िया · उनतालीस में से एक

ओड़िया की रामकथा जिसे बलराम दास ने लगभग 1500 ईस्वी में रचा, और जिसे दांडी रामायण भी कहते हैं, उस छंद के नाम पर जिसमें यह लिखी है। ओड़िशा में यह घर घर की पोथी है, और इसमें राम जगन्नाथ से जोड़े जाते हैं। विलंका रामायण से यह अलग है: वह लंका के बाद की कथा है, यह पूरी रामकथा।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

4 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?

4 अप्रैल 2027, रविवार को चैत्र कृष्ण त्रयोदशी है, 5 अप्रैल, सुबह 5:24 तक। उसके बाद चतुर्दशी लगती है।

4 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 4 अप्रैल 2027 को राहु काल शाम 5:07 से शाम 6:41 तक है। यमगंड दोपहर 12:24 से दोपहर 1:59 तक और गुलिक काल दोपहर 3:33 से शाम 5:07 तक है।

4 अप्रैल 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

शतभिषा नक्षत्र, शाम 4:33 तक, फिर पूर्वा भाद्रपद।

4 अप्रैल 2027 को कौन सा त्योहार या व्रत है?

4 अप्रैल 2027 को प्रदोष व्रत है।