पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · चैत्र

3 अप्रैल 2027 का पंचांग

शनिवार · चैत्र कृष्ण द्वादशी

3 अप्रैल 2027, शनिवार को चैत्र कृष्ण द्वादशी है, 4 अप्रैल, सुबह 4:27 तक; उसके बाद त्रयोदशी। नक्षत्र धनिष्ठा है, दोपहर 2:42 तक। सूर्योदय सुबह 6:10 और सूर्यास्त शाम 6:40। राहु काल सुबह 9:17 से सुबह 10:51 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: चैत्र नवरात्रि आरंभ · गुड़ी पड़वा · उगादी · नवरेह · विक्रम संवत 2084, 7 अप्रैल 2027, बुधवार।

पंचांग

3 अप्रैल 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
चैत्र कृष्ण द्वादशी4 अप्रैल, सुबह 4:27 तक, फिर त्रयोदशी
नक्षत्र
धनिष्ठादोपहर 2:42 तक, फिर शतभिषा
योग
साध्यसुबह 10:11 तक, फिर शुभ
करण
कौलवदोपहर 3:44 तक
वार
शनिवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
चैत्र (पूर्णिमांत)फाल्गुन (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2083
चंद्र राशि
कुंभसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
मीन
सूर्योदय
सुबह 6:10
सूर्यास्त
शाम 6:40
चंद्रोदय
रात 3:55
चंद्रास्त
दोपहर 3:24

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:34 से सुबह 5:22 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
दोपहर 12:00 से दोपहर 12:50 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:30 से दोपहर 3:20 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
सुबह 9:17 से सुबह 10:51 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 1:59 से दोपहर 3:32 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 6:10 से सुबह 7:43 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अप्रैल 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

मोल्ला रामायणम्

तेलुगु · उनतालीस में से एक

तेलुगु की वह रामकथा जिसे सोलहवीं सदी में मोल्ला ने रचा, एक कुम्हार की बेटी ने। उनके पीछे कोई बड़ा घराना नहीं था, और वे अपनी कविता को अपनी कमाई नहीं, देन मानती हैं। यह तेलुगु की पहली संक्षेप रामकथा मानी जाती है।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

3 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?

3 अप्रैल 2027, शनिवार को चैत्र कृष्ण द्वादशी है, 4 अप्रैल, सुबह 4:27 तक। उसके बाद त्रयोदशी लगती है।

3 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 3 अप्रैल 2027 को राहु काल सुबह 9:17 से सुबह 10:51 तक है। यमगंड दोपहर 1:59 से दोपहर 3:32 तक और गुलिक काल सुबह 6:10 से सुबह 7:43 तक है।

3 अप्रैल 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

धनिष्ठा नक्षत्र, दोपहर 2:42 तक, फिर शतभिषा।

3 अप्रैल 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

चैत्र नवरात्रि आरंभ · गुड़ी पड़वा · उगादी · नवरेह · विक्रम संवत 2084, 7 अप्रैल 2027, बुधवार को।