आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · फाल्गुन
6 मार्च 2027 का पंचांग
शनिवार · फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी
6 मार्च 2027, शनिवार को फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी है, दोपहर 12:04 तक; उसके बाद चतुर्दशी। नक्षत्र धनिष्ठा है, 7 मार्च, सुबह 6:42 तक। सूर्योदय सुबह 6:42 और सूर्यास्त शाम 6:24। राहु काल सुबह 9:37 से सुबह 11:05 तक है। इस दिन महाशिवरात्रि है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
6 मार्च 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशीदोपहर 12:04 तक, फिर चतुर्दशी
- नक्षत्र
- धनिष्ठा7 मार्च, सुबह 6:42 तक, फिर शतभिषा
- योग
- शिव7 मार्च, रात 3:05 तक, फिर सिद्ध
- करण
- वणिजदोपहर 12:04 तक
- वार
- शनिवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- फाल्गुन (पूर्णिमांत)माघ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- मकरसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- कुंभ
- सूर्योदय
- सुबह 6:42
- सूर्यास्त
- शाम 6:24
- चंद्रोदय
- सुबह 5:25
- चंद्रास्त
- शाम 4:39
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:06 से सुबह 5:54 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:09 से दोपहर 12:56 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:30 से दोपहर 3:17 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 9:37 से सुबह 11:05 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 2:01 से दोपहर 3:28 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 6:42 से सुबह 8:09 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मार्च 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
कंब रामायण
तमिल · उनतालीस में से एक
तमिल की सबसे बड़ी रामकथा, जिसे कंबन ने रचा। इसमें हर हिस्से का अपना अध्याय है, जैसे नगर ढूँढने का अध्याय और लौटकर चरणों में सिर रखने का अध्याय। कंबन ब्योरे में नहीं, दृश्य में जाते हैं, इसलिए उनकी लंका देखी हुई लगती है।
