पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · फाल्गुन

4 मार्च 2027 का पंचांग

गुरुवार · फाल्गुन कृष्ण एकादशी

4 मार्च 2027, गुरुवार को फाल्गुन कृष्ण एकादशी है, सुबह 7:25 तक; उसके बाद द्वादशी। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, 5 मार्च, रात 1:36 तक। सूर्योदय सुबह 6:44 और सूर्यास्त शाम 6:23। राहु काल दोपहर 2:01 से दोपहर 3:28 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: महाशिवरात्रि, 6 मार्च 2027, शनिवार।

पंचांग

4 मार्च 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
फाल्गुन कृष्ण एकादशीसुबह 7:25 तक, फिर द्वादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा5 मार्च, रात 1:36 तक, फिर श्रवण
योग
वरीयान5 मार्च, रात 2:01 तक, फिर परिघ
करण
बालवसुबह 7:25 तक
वार
गुरुवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
फाल्गुन (पूर्णिमांत)माघ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2083
चंद्र राशि
मकरसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
कुंभ
सूर्योदय
सुबह 6:44
सूर्यास्त
शाम 6:23
चंद्रोदय
सुबह 4:15
चंद्रास्त
दोपहर 2:47

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 5:08 से सुबह 5:56 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
दोपहर 12:10 से दोपहर 12:56 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:30 से दोपहर 3:16 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
दोपहर 2:01 से दोपहर 3:28 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 6:44 से सुबह 8:11 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 9:38 से सुबह 11:06 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मार्च 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

ककविन रामायण

पुरानी जावानी · उनतालीस में से एक

जावा की सबसे पुरानी रामकथा, नौवीं सदी के अंत में मध्य जावा में लिखी गई, छब्बीस सर्गों की। यह वाल्मीकि से नहीं, भट्टिकाव्य नाम की संस्कृत रचना से ली गई है, और लगभग दो तिहाई उसी के पास चलती है, फिर अपने रास्ते। पूर्वी जावा के पनातरन मंदिर की दीवारों पर इसी कथा के दृश्य खुदे हैं।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

4 मार्च 2027 को कौन सी तिथि है?

4 मार्च 2027, गुरुवार को फाल्गुन कृष्ण एकादशी है, सुबह 7:25 तक। उसके बाद द्वादशी लगती है।

4 मार्च 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 4 मार्च 2027 को राहु काल दोपहर 2:01 से दोपहर 3:28 तक है। यमगंड सुबह 6:44 से सुबह 8:11 तक और गुलिक काल सुबह 9:38 से सुबह 11:06 तक है।

4 मार्च 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, 5 मार्च, रात 1:36 तक, फिर श्रवण।

4 मार्च 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

महाशिवरात्रि, 6 मार्च 2027, शनिवार को।