आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · पौष
17 जनवरी 2027 का पंचांग
रविवार · पौष शुक्ल नवमी
17 जनवरी 2027, रविवार को पौष शुक्ल नवमी है, दोपहर 12:27 तक; उसके बाद दशमी। नक्षत्र भरणी है, रात 10:43 तक। सूर्योदय सुबह 7:15 और सूर्यास्त शाम 5:48। राहु काल शाम 4:29 से शाम 5:48 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
17 जनवरी 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- पौष शुक्ल नवमीदोपहर 12:27 तक, फिर दशमी
- नक्षत्र
- भरणीरात 10:43 तक, फिर कृत्तिका
- योग
- साध्यदोपहर 12:24 तक, फिर शुभ
- करण
- कौलवदोपहर 12:27 तक
- वार
- रविवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- पौष (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- मेषसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मकर
- सूर्योदय
- सुबह 7:15
- सूर्यास्त
- शाम 5:48
- चंद्रोदय
- दोपहर 12:30
- चंद्रास्त
- रात 1:39
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:39 से सुबह 6:27 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:10 से दोपहर 12:52 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:17 से दोपहर 2:59 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- शाम 4:29 से शाम 5:48 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 12:31 से दोपहर 1:50 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 3:09 से शाम 4:29 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जनवरी 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
फ़ोन पर Google का पन्ना ठीक से न खुले, तो यही बटन कंप्यूटर पर दबाइए। जुड़ते ही यह फ़ोन में भी दिखेगा।
जोड़ते समय “Remove Alerts” बंद कर दें (टिक हटा दें), तो बड़े त्योहारों की सुबह 7 बजे याद भी आएगी कि अपनों को कार्ड भेजना है।
- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल
इस दिन की रामकथा
रामावतारचरित
कश्मीरी · उनतालीस में से एक
कश्मीरी की रामकथा, रामावतारचरित, जिसे प्रकाश राम ने उन्नीसवीं सदी में रचा। यहाँ सीता रावण और मंदोदरी की बेटी हैं, जिन्हें जन्म के बाद छोड़ दिया गया। रावण और लंका के बनने की कथा सुंदरकांड के भीतर आती है, और पूरी कथा में कश्मीर का खाना, कपड़े और रीति रिवाज भरे हैं।