आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · पौष
26 दिसंबर 2026 का पंचांग
शनिवार · पौष कृष्ण तृतीया
26 दिसंबर 2026, शनिवार को पौष कृष्ण तृतीया है, रात 8:06 तक; उसके बाद चतुर्थी। नक्षत्र पुष्य है, रात 8:13 तक। सूर्योदय सुबह 7:12 और सूर्यास्त शाम 5:31। राहु काल सुबह 9:47 से सुबह 11:04 तक है। इस दिन संकष्टी चतुर्थी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
26 दिसंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- पौष कृष्ण तृतीयारात 8:06 तक, फिर चतुर्थी
- नक्षत्र
- पुष्यरात 8:13 तक, फिर आश्लेषा
- योग
- वैधृति27 दिसंबर, रात 12:23 तक, फिर विष्कंभ
- करण
- वणिजसुबह 9:43 तक
- वार
- शनिवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- पौष (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- कर्कसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- धनु
- सूर्योदय
- सुबह 7:12
- सूर्यास्त
- शाम 5:31
- चंद्रोदय
- रात 8:14
- चंद्रास्त
- सुबह 9:17
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:36 से सुबह 6:24 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:01 से दोपहर 12:42 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:05 से दोपहर 2:46 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 9:47 से सुबह 11:04 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 1:39 से दोपहर 2:57 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 7:12 से सुबह 8:29 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। दिसंबर 2026 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
भावार्थ रामायण
मराठी, ओवी छंद · उनतालीस में से एक
मराठी की सबसे बड़ी रामकथा, वारकरी परंपरा की, लगभग चालीस हज़ार ओवियों में। इसका सुंदरकांड बयालीस अध्यायों का है, और इसमें रावण के दरबार में देवता नौकर बने दिखते हैं, इसलिए यहाँ लड़ाई देवताओं को छुड़ाने की भी है।