आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · पौष
25 दिसंबर 2026 का पंचांग
शुक्रवार · पौष कृष्ण द्वितीया
25 दिसंबर 2026, शुक्रवार को पौष कृष्ण द्वितीया है, रात 11:27 तक; उसके बाद तृतीया। नक्षत्र पुनर्वसु है, रात 10:50 तक। सूर्योदय सुबह 7:11 और सूर्यास्त शाम 5:31। राहु काल सुबह 11:04 से दोपहर 12:21 तक है। इस दिन क्रिसमस है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
25 दिसंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- पौष कृष्ण द्वितीयारात 11:27 तक, फिर तृतीया
- नक्षत्र
- पुनर्वसुरात 10:50 तक, फिर पुष्य
- योग
- ब्रह्मसुबह 8:29 तक, फिर ऐंद्र
- करण
- तैतिलदोपहर 1:15 तक
- वार
- शुक्रवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- पौष (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- मिथुनसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- धनु
- सूर्योदय
- सुबह 7:11
- सूर्यास्त
- शाम 5:31
- चंद्रोदय
- शाम 7:02
- चंद्रास्त
- सुबह 8:26
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:35 से सुबह 6:23 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:00 से दोपहर 12:42 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:04 से दोपहर 2:46 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 11:04 से दोपहर 12:21 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 2:56 से शाम 4:13 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 8:29 से सुबह 9:46 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। दिसंबर 2026 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
रंगनाथ रामायण
तेलुगु, द्विपद छंद · उनतालीस में से एक
तेलुगु की पहली पूरी रामायण, द्विपद छंद में, जिसे गाकर सुनाया जाता है। इसीलिए यह दरबार की नहीं, लोगों की कथा लगती है। इसमें कई लोक प्रसंग जुड़े हैं, जैसे पुल बनाने में मदद करने वाली गिलहरी, और आज भी चमड़े की कठपुतलियों वाले नाटक इसके द्विपद गाते हैं।
