पंचांग 2026

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · पौष

27 दिसंबर 2026 का पंचांग

रविवार · पौष कृष्ण चतुर्थी

27 दिसंबर 2026, रविवार को पौष कृष्ण चतुर्थी है, शाम 5:14 तक; उसके बाद पंचमी। नक्षत्र आश्लेषा है, शाम 6:05 तक। सूर्योदय सुबह 7:12 और सूर्यास्त शाम 5:32। राहु काल शाम 4:15 से शाम 5:32 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

पंचांग

27 दिसंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
पौष कृष्ण चतुर्थीशाम 5:14 तक, फिर पंचमी
नक्षत्र
आश्लेषाशाम 6:05 तक, फिर मघा
योग
विष्कंभरात 8:54 तक, फिर प्रीति
करण
बालवशाम 5:14 तक
वार
रविवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
पौष (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2083
चंद्र राशि
कर्कसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
धनु
सूर्योदय
सुबह 7:12
सूर्यास्त
शाम 5:32
चंद्रोदय
रात 9:23
चंद्रास्त
सुबह 9:59

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 5:36 से सुबह 6:24 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
दोपहर 12:01 से दोपहर 12:43 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:05 से दोपहर 2:47 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
शाम 4:15 से शाम 5:32 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 12:22 से दोपहर 1:40 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
दोपहर 2:57 से शाम 4:15 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। दिसंबर 2026 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

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सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

27 दिसंबर 2026 को कौन सी तिथि है?

27 दिसंबर 2026, रविवार को पौष कृष्ण चतुर्थी है, शाम 5:14 तक। उसके बाद पंचमी लगती है।

27 दिसंबर 2026 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 27 दिसंबर 2026 को राहु काल शाम 4:15 से शाम 5:32 तक है। यमगंड दोपहर 12:22 से दोपहर 1:40 तक और गुलिक काल दोपहर 2:57 से शाम 4:15 तक है।

27 दिसंबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

आश्लेषा नक्षत्र, शाम 6:05 तक, फिर मघा।