आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · मार्गशीर्ष
20 दिसंबर 2026 का पंचांग
रविवार · मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी
20 दिसंबर 2026, रविवार को मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी है, रात 8:15 तक; उसके बाद द्वादशी। नक्षत्र अश्विनी है, दोपहर 2:56 तक। सूर्योदय सुबह 7:09 और सूर्यास्त शाम 5:28। राहु काल शाम 4:11 से शाम 5:28 तक है। इस दिन गीता जयंती, मोक्षदा एकादशी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
20 दिसंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशीरात 8:15 तक, फिर द्वादशी
- नक्षत्र
- अश्विनीदोपहर 2:56 तक, फिर भरणी
- योग
- परिघसुबह 8:10 तक, फिर शिव
- करण
- वणिजसुबह 9:18 तक
- वार
- रविवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- मेषसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- धनु
- सूर्योदय
- सुबह 7:09
- सूर्यास्त
- शाम 5:28
- चंद्रोदय
- दोपहर 1:56
- चंद्रास्त
- रात 2:49
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:33 से सुबह 6:21 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:58 से दोपहर 12:39 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:02 से दोपहर 2:43 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- शाम 4:11 से शाम 5:28 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 12:19 से दोपहर 1:36 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 2:53 से शाम 4:11 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। दिसंबर 2026 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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इस दिन की रामकथा
कूर्म पुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण
संस्कृत · उनतालीस में से एक
छाया वाली सीता की कथा का पुराना स्रोत। रावण के आने पर अग्नि असली सीता को अपने पास रख लेते हैं, और रावण उनकी छाया ले जाता है। ब्रह्मवैवर्त पुराण में यही छाया आगे वेदवती से जुड़ती है। यह विचार अध्यात्म रामायण और मानस तक पहुँचा।
