आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · मार्गशीर्ष
19 दिसंबर 2026 का पंचांग
शनिवार · मार्गशीर्ष शुक्ल दशमी
19 दिसंबर 2026, शनिवार को मार्गशीर्ष शुक्ल दशमी है, रात 10:10 तक; उसके बाद एकादशी। नक्षत्र रेवती है, दोपहर 3:58 तक। सूर्योदय सुबह 7:08 और सूर्यास्त शाम 5:28। राहु काल सुबह 9:43 से सुबह 11:01 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
19 दिसंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- मार्गशीर्ष शुक्ल दशमीरात 10:10 तक, फिर एकादशी
- नक्षत्र
- रेवतीदोपहर 3:58 तक, फिर अश्विनी
- योग
- वरीयानसुबह 10:35 तक, फिर परिघ
- करण
- तैतिलसुबह 10:49 तक
- वार
- शनिवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- मीनसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- धनु
- सूर्योदय
- सुबह 7:08
- सूर्यास्त
- शाम 5:28
- चंद्रोदय
- दोपहर 1:19
- चंद्रास्त
- रात 1:47
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:32 से सुबह 6:20 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:57 से दोपहर 12:39 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:01 से दोपहर 2:43 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 9:43 से सुबह 11:01 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 1:36 से दोपहर 2:53 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 7:08 से सुबह 8:26 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। दिसंबर 2026 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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इस दिन की रामकथा
पउमचरिय
प्राकृत, जैन परंपरा · उनतालीस में से एक
सबसे पुरानी जैन रामकथा, प्राकृत में। यहाँ लंका के लोग राक्षस नहीं, विद्याधर हैं, और हनुमान भी वानर नहीं, विद्याधर वीर हैं। उड़ना जादू नहीं, विद्या है। सबसे बड़ा फ़र्क़ यह कि यहाँ पूँछ में आग लगने की बात ही नहीं आती।