आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · कार्तिक
15 नवंबर 2026 का पंचांग
रविवार · कार्तिक शुक्ल षष्ठी
15 नवंबर 2026, रविवार को कार्तिक शुक्ल षष्ठी है, 16 नवंबर, रात 2:02 तक; उसके बाद सप्तमी। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, रात 11:29 तक। सूर्योदय सुबह 6:44 और सूर्यास्त शाम 5:28। राहु काल शाम 4:07 से शाम 5:28 तक है। इस दिन छठ पूजा, स्कंद षष्ठी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
15 नवंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- कार्तिक शुक्ल षष्ठी16 नवंबर, रात 2:02 तक, फिर सप्तमी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ारात 11:29 तक, फिर श्रवण
- योग
- गंड16 नवंबर, सुबह 7:16 तक, फिर वृद्धि
- करण
- कौलवदोपहर 12:44 तक
- वार
- रविवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- कार्तिक (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- मकरसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- तुला
- सूर्योदय
- सुबह 6:44
- सूर्यास्त
- शाम 5:28
- चंद्रोदय
- सुबह 11:41
- चंद्रास्त
- रात 10:19
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:08 से सुबह 5:56 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:44 से दोपहर 12:27 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 1:53 से दोपहर 2:36 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- शाम 4:07 से शाम 5:28 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 12:06 से दोपहर 1:26 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 2:47 से शाम 4:07 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। नवंबर 2026 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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इस दिन की रामकथा
कृत्तिवासी रामायण
बांग्ला · उनतालीस में से एक
बांग्ला की वह रामकथा जो पयार छंद में, गाकर सुनाने के लिए लिखी गई। परंपरा कहती है कि गौड़ के एक राजा के कहने पर। यहाँ लंका की रक्षक लंकिनी नहीं, देवी चामुंडा हैं, जो हनुमान का नाम सुनते ही बिना लड़े कैलाश चली जाती हैं।
