आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · कार्तिक
16 नवंबर 2026 का पंचांग
सोमवार · कार्तिक शुक्ल सप्तमी
16 नवंबर 2026, सोमवार को कार्तिक शुक्ल सप्तमी है, 17 नवंबर, सुबह 4:20 तक; उसके बाद अष्टमी। नक्षत्र श्रवण है, 17 नवंबर, रात 2:17 तक। सूर्योदय सुबह 6:44 और सूर्यास्त शाम 5:27। राहु काल सुबह 8:05 से सुबह 9:25 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
त्योहार
इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं
अगला त्योहार: देवउठनी एकादशी · इगास बग्वाल, 20 नवंबर 2026, शुक्रवार।
पंचांग
16 नवंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- कार्तिक शुक्ल सप्तमी17 नवंबर, सुबह 4:20 तक, फिर अष्टमी
- नक्षत्र
- श्रवण17 नवंबर, रात 2:17 तक, फिर धनिष्ठा
- योग
- गंडसुबह 7:16 तक, फिर वृद्धि
- करण
- गरदोपहर 3:14 तक
- वार
- सोमवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- कार्तिक (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- मकरसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- तुला
- सूर्योदय
- सुबह 6:44
- सूर्यास्त
- शाम 5:27
- चंद्रोदय
- दोपहर 12:17
- चंद्रास्त
- रात 11:15
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:08 से सुबह 5:56 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:44 से दोपहर 12:27 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 1:53 से दोपहर 2:36 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 8:05 से सुबह 9:25 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 10:45 से दोपहर 12:06 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 1:26 से दोपहर 2:46 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। नवंबर 2026 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
रंगनाथ रामायण
तेलुगु, द्विपद छंद · उनतालीस में से एक
तेलुगु की पहली पूरी रामायण, द्विपद छंद में, जिसे गाकर सुनाया जाता है। इसीलिए यह दरबार की नहीं, लोगों की कथा लगती है। इसमें कई लोक प्रसंग जुड़े हैं, जैसे पुल बनाने में मदद करने वाली गिलहरी, और आज भी चमड़े की कठपुतलियों वाले नाटक इसके द्विपद गाते हैं।