पंचांग 2026

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · कार्तिक

14 नवंबर 2026 का पंचांग

शनिवार · कार्तिक शुक्ल पंचमी

14 नवंबर 2026, शनिवार को कार्तिक शुक्ल पंचमी है, रात 11:25 तक; उसके बाद षष्ठी। नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है, रात 8:25 तक। सूर्योदय सुबह 6:43 और सूर्यास्त शाम 5:28। राहु काल सुबह 9:24 से सुबह 10:45 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: छठ पूजा, 15 नवंबर 2026, रविवार।

पंचांग

14 नवंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
कार्तिक शुक्ल पंचमीरात 11:25 तक, फिर षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ारात 8:25 तक, फिर उत्तराषाढ़ा
योग
शूल15 नवंबर, सुबह 6:23 तक, फिर गंड
करण
बवसुबह 10:03 तक
वार
शनिवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
कार्तिक (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2083
चंद्र राशि
धनुसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
तुला
सूर्योदय
सुबह 6:43
सूर्यास्त
शाम 5:28
चंद्रोदय
सुबह 11:01
चंद्रास्त
रात 9:22

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 5:07 से सुबह 5:55 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:44 से दोपहर 12:27 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 1:53 से दोपहर 2:36 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
सुबह 9:24 से सुबह 10:45 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 1:26 से दोपहर 2:47 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 6:43 से सुबह 8:03 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। नवंबर 2026 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

आनंद रामायण

संस्कृत · उनतालीस में से एक

नौ कांडों का ग्रंथ, जिसमें पूरी वाल्मीकि कथा पहले ही कांड में सिमट जाती है, और बाक़ी आठ कांड नई कथाओं के हैं। इसमें ऐसे कई प्रसंग जुड़े हैं जो पुराने पाठों में नहीं मिलते। इसका रामरक्षा स्तोत्र आज भी रोज़ पढ़ा जाता है।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

14 नवंबर 2026 को कौन सी तिथि है?

14 नवंबर 2026, शनिवार को कार्तिक शुक्ल पंचमी है, रात 11:25 तक। उसके बाद षष्ठी लगती है।

14 नवंबर 2026 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 14 नवंबर 2026 को राहु काल सुबह 9:24 से सुबह 10:45 तक है। यमगंड दोपहर 1:26 से दोपहर 2:47 तक और गुलिक काल सुबह 6:43 से सुबह 8:03 तक है।

14 नवंबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, रात 8:25 तक, फिर उत्तराषाढ़ा।

14 नवंबर 2026 के बाद अगला त्योहार कब है?

छठ पूजा, 15 नवंबर 2026, रविवार को।