आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · कार्तिक
1 नवंबर 2026 का पंचांग
रविवार · कार्तिक कृष्ण सप्तमी
1 नवंबर 2026, रविवार को कार्तिक कृष्ण सप्तमी है, दोपहर 2:52 तक; उसके बाद अष्टमी। नक्षत्र पुष्य है, 2 नवंबर, सुबह 4:31 तक। सूर्योदय सुबह 6:33 और सूर्यास्त शाम 5:36। राहु काल शाम 4:13 से शाम 5:36 तक है। इस दिन अहोई अष्टमी, कालाष्टमी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
1 नवंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- कार्तिक कृष्ण सप्तमीदोपहर 2:52 तक, फिर अष्टमी
- नक्षत्र
- पुष्य2 नवंबर, सुबह 4:31 तक, फिर आश्लेषा
- योग
- साध्यदोपहर 2:39 तक, फिर शुभ
- करण
- बवदोपहर 2:52 तक
- वार
- रविवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- कार्तिक (पूर्णिमांत)आश्विन (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- कर्कसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- तुला
- सूर्योदय
- सुबह 6:33
- सूर्यास्त
- शाम 5:36
- चंद्रोदय
- रात 11:36
- चंद्रास्त
- दोपहर 12:47
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:57 से सुबह 5:45 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:42 से दोपहर 12:27 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 1:55 से दोपहर 2:39 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- शाम 4:13 से शाम 5:36 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 12:05 से दोपहर 1:27 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 2:50 से शाम 4:13 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। नवंबर 2026 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
गिरधर रामायण
गुजराती · उनतालीस में से एक
गुजराती की वह रामकथा जिसे गिरधर ने सन 1835 में पूरा किया। उन्होंने कथा मुख्य रूप से वाल्मीकि और हनुमन्नाटक से ली, और उसे सीधी सादी भाषा में लिखा। सबसे बड़ी बात इसका संगीत है: यह कई रागों और छंदों में बँधी है, जैसे धनाश्री, बिलावल, मारू, सोरठ और आसावरी, इसलिए इसे पढ़ा कम और गाया ज़्यादा जाता है।
