पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · पौष

30 दिसंबर 2027 का पंचांग

गुरुवार · पौष शुक्ल तृतीया

30 दिसंबर 2027, गुरुवार को पौष शुक्ल तृतीया है, 31 दिसंबर, सुबह 8:12 तक; उसके बाद चतुर्थी। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, सुबह 10:07 तक। सूर्योदय सुबह 7:13 और सूर्यास्त शाम 5:34। राहु काल दोपहर 1:41 से दोपहर 2:59 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

पंचांग

30 दिसंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
पौष शुक्ल तृतीया31 दिसंबर, सुबह 8:12 तक, फिर चतुर्थी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ासुबह 10:07 तक, फिर श्रवण
योग
व्याघातसुबह 8:55 तक, फिर हर्षण
करण
तैतिलशाम 6:54 तक
वार
गुरुवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
पौष (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
मकरसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
धनु
सूर्योदय
सुबह 7:13
सूर्यास्त
शाम 5:34
चंद्रोदय
सुबह 8:56
चंद्रास्त
रात 7:51

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 5:37 से सुबह 6:25 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
दोपहर 12:03 से दोपहर 12:44 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:07 से दोपहर 2:48 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
दोपहर 1:41 से दोपहर 2:59 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 7:13 से सुबह 8:31 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 9:48 से सुबह 11:06 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। दिसंबर 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

रामावतार

ब्रजभाषा · उनतालीस में से एक

दसम ग्रंथ के चौबीस अवतार में बीसवाँ, राम अवतार। ब्रजभाषा में है और गुरमुखी लिपि में लिखा है, और परंपरा इसे गुरु गोबिंद सिंह की रचना मानती है। यह 1698 में सतलुज के किनारे, नैना देवी पहाड़ी के नीचे पूरा हुआ। इसमें पूरा सुंदरकांड एक ही छंद में है: हनुमान जी अँगूठी लेकर जाते हैं, नगर जलाते हैं, अक्षय कुमार को मारते हैं और लौट आते हैं। इसके आख़िरी सवैया और दोहा आज भी रोज़ रहरास साहिब में पढ़े जाते हैं।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

30 दिसंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

30 दिसंबर 2027, गुरुवार को पौष शुक्ल तृतीया है, 31 दिसंबर, सुबह 8:12 तक। उसके बाद चतुर्थी लगती है।

30 दिसंबर 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 30 दिसंबर 2027 को राहु काल दोपहर 1:41 से दोपहर 2:59 तक है। यमगंड सुबह 7:13 से सुबह 8:31 तक और गुलिक काल सुबह 9:48 से सुबह 11:06 तक है।

30 दिसंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, सुबह 10:07 तक, फिर श्रवण।