आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · पौष
28 दिसंबर 2027 का पंचांग
मंगलवार · पौष शुक्ल प्रतिपदा
28 दिसंबर 2027, मंगलवार को पौष शुक्ल प्रतिपदा है, 29 दिसंबर, रात 3:29 तक; उसके बाद द्वितीया। नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है, 29 दिसंबर, सुबह 7:26 तक। सूर्योदय सुबह 7:12 और सूर्यास्त शाम 5:32। राहु काल दोपहर 2:57 से शाम 4:15 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
त्योहार
इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं
पंचांग
28 दिसंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- पौष शुक्ल प्रतिपदा29 दिसंबर, रात 3:29 तक, फिर द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा29 दिसंबर, सुबह 7:26 तक, फिर उत्तराषाढ़ा
- योग
- वृद्धिसुबह 8:01 तक, फिर ध्रुव
- करण
- किंस्तुघ्नदोपहर 2:32 तक
- वार
- मंगलवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- पौष (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- धनुसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- धनु
- सूर्योदय
- सुबह 7:12
- सूर्यास्त
- शाम 5:32
- चंद्रोदय
- सुबह 7:35
- चंद्रास्त
- शाम 5:59
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:36 से सुबह 6:24 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:02 से दोपहर 12:43 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:06 से दोपहर 2:47 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 2:57 से शाम 4:15 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 9:47 से सुबह 11:05 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 12:22 से दोपहर 1:40 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। दिसंबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
रामायण कल्पवृक्षम्
तेलुगु · उनतालीस में से एक
तेलुगु की वह रामकथा जिसे विश्वनाथ सत्यनारायण ने बीसवीं सदी में रचा और जिसका नाम है रामायण कल्पवृक्षम्। यह उस समय लिखी गई जब लोग कह रहे थे कि अब पुरानी कथाओं का ज़माना गया। कवि ने वही कथा दोबारा कही, अपने ढंग से, और उसी पर उन्हें ज्ञानपीठ मिला। यह बताता है कि यह कथा किसी पुरानी सदी में बंद नहीं हुई।