आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · पौष
24 दिसंबर 2027 का पंचांग
शुक्रवार · पौष कृष्ण द्वादशी
24 दिसंबर 2027, शुक्रवार को पौष कृष्ण द्वादशी है, रात 11:09 तक; उसके बाद त्रयोदशी। नक्षत्र विशाखा है, 25 दिसंबर, रात 12:51 तक। सूर्योदय सुबह 7:11 और सूर्यास्त शाम 5:30। राहु काल सुबह 11:03 से दोपहर 12:20 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
24 दिसंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- पौष कृष्ण द्वादशीरात 11:09 तक, फिर त्रयोदशी
- नक्षत्र
- विशाखा25 दिसंबर, रात 12:51 तक, फिर अनुराधा
- योग
- सुकर्मासुबह 10:18 तक, फिर धृति
- करण
- कौलवसुबह 11:07 तक
- वार
- शुक्रवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- पौष (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- तुलासूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- धनु
- सूर्योदय
- सुबह 7:11
- सूर्यास्त
- शाम 5:30
- चंद्रोदय
- रात 3:51
- चंद्रास्त
- दोपहर 2:29
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:35 से सुबह 6:23 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:00 से दोपहर 12:41 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:04 से दोपहर 2:45 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 11:03 से दोपहर 12:20 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 2:55 से शाम 4:13 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 8:28 से सुबह 9:46 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। दिसंबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
फ़ोन पर Google का पन्ना ठीक से न खुले, तो यही बटन कंप्यूटर पर दबाइए। जुड़ते ही यह फ़ोन में भी दिखेगा।
जोड़ते समय “Remove Alerts” बंद कर दें (टिक हटा दें), तो बड़े त्योहारों की सुबह 7 बजे याद भी आएगी कि अपनों को कार्ड भेजना है।
- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल
इस दिन की रामकथा
रामचरितम्
पुराना मलयालम · उनतालीस में से एक
मलयालम की सबसे पुरानी बची हुई काव्य रचना, जिसे चीरामन ने लगभग बारहवीं सदी में रचा। इसमें कथा शुरू से नहीं चलती, सीधे लड़ाई वाले हिस्से से उठती है। यानी उस भाषा की शुरुआत ही लड़ाई वाले कांड से हुई, और भाषा भी ऐसी है जिसमें मलयालम और तमिल दोनों की छाया दिखती है।