पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · पौष

19 दिसंबर 2027 का पंचांग

रविवार · पौष कृष्ण सप्तमी

19 दिसंबर 2027, रविवार को पौष कृष्ण सप्तमी है, 20 दिसंबर, रात 3:34 तक; उसके बाद अष्टमी। नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है, 20 दिसंबर, रात 2:07 तक। सूर्योदय सुबह 7:08 और सूर्यास्त शाम 5:28। राहु काल शाम 4:10 से शाम 5:28 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: हनुमत जयंती, 27 दिसंबर 2027, सोमवार।

पंचांग

19 दिसंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
पौष कृष्ण सप्तमी20 दिसंबर, रात 3:34 तक, फिर अष्टमी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी20 दिसंबर, रात 2:07 तक, फिर उत्तरा फाल्गुनी
योग
प्रीतिरात 8:38 तक, फिर आयुष्मान
करण
विष्टि (भद्रा)शाम 4:33 तक
वार
रविवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
पौष (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
सिंहसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
धनु
सूर्योदय
सुबह 7:08
सूर्यास्त
शाम 5:28
चंद्रोदय
रात 11:43
चंद्रास्त
सुबह 11:28

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 5:32 से सुबह 6:20 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:57 से दोपहर 12:39 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:01 से दोपहर 2:43 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
शाम 4:10 से शाम 5:28 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 12:18 से दोपहर 1:35 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
दोपहर 2:53 से शाम 4:10 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। दिसंबर 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

रामचरितमानस

अवधी · उनतालीस में से एक

अवधी में तुलसीदास की रचना, जो उत्तर भारत में सबसे ज़्यादा पढ़ी और गाई जाती है। यहाँ कथा भक्ति की तरफ़ झुकती है: हनुमान मच्छर जितने छोटे होते हैं, विभीषण का घर तुलसी से पहचाना जाता है, और लौटने से पहले विदा लेना उतना ही ज़रूरी है जितना लंका जलाना।

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सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

19 दिसंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

19 दिसंबर 2027, रविवार को पौष कृष्ण सप्तमी है, 20 दिसंबर, रात 3:34 तक। उसके बाद अष्टमी लगती है।

19 दिसंबर 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 19 दिसंबर 2027 को राहु काल शाम 4:10 से शाम 5:28 तक है। यमगंड दोपहर 12:18 से दोपहर 1:35 तक और गुलिक काल दोपहर 2:53 से शाम 4:10 तक है।

19 दिसंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र, 20 दिसंबर, रात 2:07 तक, फिर उत्तरा फाल्गुनी।

19 दिसंबर 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

हनुमत जयंती, 27 दिसंबर 2027, सोमवार को।