आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · पौष
17 दिसंबर 2027 का पंचांग
शुक्रवार · पौष कृष्ण चतुर्थी
17 दिसंबर 2027, शुक्रवार को पौष कृष्ण चतुर्थी है, सुबह 10:35 तक; उसके बाद पंचमी। नक्षत्र पुष्य है, सुबह 7:08 तक। सूर्योदय सुबह 7:07 और सूर्यास्त शाम 5:27। राहु काल सुबह 11:00 से दोपहर 12:17 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
17 दिसंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- पौष कृष्ण चतुर्थीसुबह 10:35 तक, फिर पंचमी
- नक्षत्र
- पुष्यसुबह 7:08 तक, फिर आश्लेषा
- योग
- वैधृति18 दिसंबर, रात 2:47 तक, फिर विष्कंभ
- करण
- बालवसुबह 10:35 तक
- वार
- शुक्रवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- पौष (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- कर्कसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- धनु
- सूर्योदय
- सुबह 7:07
- सूर्यास्त
- शाम 5:27
- चंद्रोदय
- रात 9:34
- चंद्रास्त
- सुबह 10:14
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:31 से सुबह 6:19 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:56 से दोपहर 12:38 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:00 से दोपहर 2:42 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 11:00 से दोपहर 12:17 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 2:52 से शाम 4:09 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 8:25 से सुबह 9:42 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। दिसंबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
हनुमान चालीसा
अवधी · उनतालीस में से एक
चालीस चौपाइयों की वह छोटी रचना जो रोज़ पढ़ी जाती है। उसमें इस पूरी रात की बातें गिनी चुनी पंक्तियों में याद कर ली गई हैं, और बहुत से लोग इस रात को इन्हीं पंक्तियों से जानते हैं।