पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · मार्गशीर्ष

13 दिसंबर 2027 का पंचांग

सोमवार · मार्गशीर्ष पूर्णिमा

13 दिसंबर 2027, सोमवार को मार्गशीर्ष पूर्णिमा है, रात 9:39 तक; उसके बाद प्रतिपदा। नक्षत्र रोहिणी है, दोपहर 3:15 तक। सूर्योदय सुबह 7:05 और सूर्यास्त शाम 5:25। राहु काल सुबह 8:22 से सुबह 9:40 तक है। इस दिन दत्तात्रेय जयंती, मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत है। समय नई दिल्ली के हैं।

पंचांग

13 दिसंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
मार्गशीर्ष पूर्णिमारात 9:39 तक, फिर प्रतिपदा
नक्षत्र
रोहिणीदोपहर 3:15 तक, फिर मृगशिरा
योग
साध्यरात 8:06 तक, फिर शुभ
करण
विष्टि (भद्रा)सुबह 10:50 तक
वार
सोमवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
वृषभसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
वृश्चिक
सूर्योदय
सुबह 7:05
सूर्यास्त
शाम 5:25
चंद्रोदय
शाम 5:00
चंद्रास्त
सुबह 6:38

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 5:29 से सुबह 6:17 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:54 से दोपहर 12:36 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 1:59 से दोपहर 2:40 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
सुबह 8:22 से सुबह 9:40 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 10:57 से दोपहर 12:15 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
दोपहर 1:33 से दोपहर 2:50 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। दिसंबर 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

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सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

13 दिसंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

13 दिसंबर 2027, सोमवार को मार्गशीर्ष पूर्णिमा है, रात 9:39 तक। उसके बाद प्रतिपदा लगती है।

13 दिसंबर 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 13 दिसंबर 2027 को राहु काल सुबह 8:22 से सुबह 9:40 तक है। यमगंड सुबह 10:57 से दोपहर 12:15 तक और गुलिक काल दोपहर 1:33 से दोपहर 2:50 तक है।

13 दिसंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी नक्षत्र, दोपहर 3:15 तक, फिर मृगशिरा।

13 दिसंबर 2027 को कौन सा त्योहार या व्रत है?

13 दिसंबर 2027 को दत्तात्रेय जयंती, मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत है।