आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आश्विन
4 अक्टूबर 2027 का पंचांग
सोमवार · आश्विन शुक्ल पंचमी
4 अक्टूबर 2027, सोमवार को आश्विन शुक्ल पंचमी है, 5 अक्टूबर, रात 1:37 तक; उसके बाद षष्ठी। नक्षत्र अनुराधा है, 5 अक्टूबर, रात 12:44 तक। सूर्योदय सुबह 6:15 और सूर्यास्त शाम 6:04। राहु काल सुबह 7:44 से सुबह 9:13 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
4 अक्टूबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आश्विन शुक्ल पंचमी5 अक्टूबर, रात 1:37 तक, फिर षष्ठी
- नक्षत्र
- अनुराधा5 अक्टूबर, रात 12:44 तक, फिर ज्येष्ठा
- योग
- प्रीतिदोपहर 12:25 तक, फिर आयुष्मान
- करण
- बवदोपहर 1:26 तक
- वार
- सोमवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- आश्विन (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- वृश्चिकसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- कन्या
- सूर्योदय
- सुबह 6:15
- सूर्यास्त
- शाम 6:04
- चंद्रोदय
- सुबह 10:32
- चंद्रास्त
- रात 8:52
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:39 से सुबह 5:27 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:46 से दोपहर 12:33 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:08 से दोपहर 2:55 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 7:44 से सुबह 9:13 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 10:41 से दोपहर 12:10 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 1:38 से दोपहर 3:07 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अक्टूबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
कण्णस्स रामायणम्
मलयालम · उनतालीस में से एक
मलयालम की उस दौर की रामकथा जिसे निरणम के राम पणिक्कर ने चौदहवीं सदी में रचा, और जिसे कण्णस्स रामायणम् कहते हैं। एषुत्तच्छन से यह पुरानी है, और इसी तरह की रचनाओं ने उस भाषा को कथा कहने लायक बनाया। यह काम निरणम वाले कवियों के नाम से जाना जाता है।