आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · भाद्रपद
14 सितंबर 2027 का पंचांग
मंगलवार · भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी
14 सितंबर 2027, मंगलवार को भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी है, 15 सितंबर, रात 2:49 तक; उसके बाद पूर्णिमा। नक्षत्र धनिष्ठा है, सुबह 8:59 तक। सूर्योदय सुबह 6:05 और सूर्यास्त शाम 6:28। राहु काल दोपहर 3:22 से शाम 4:55 तक है। इस दिन अनंत चतुर्दशी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
14 सितंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी15 सितंबर, रात 2:49 तक, फिर पूर्णिमा
- नक्षत्र
- धनिष्ठासुबह 8:59 तक, फिर शतभिषा
- योग
- सुकर्मासुबह 8:37 तक, फिर धृति
- करण
- गरदोपहर 1:47 तक
- वार
- मंगलवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- भाद्रपद (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- कुंभसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- सिंह
- सूर्योदय
- सुबह 6:05
- सूर्यास्त
- शाम 6:28
- चंद्रोदय
- शाम 5:30
- चंद्रास्त
- सुबह 4:28
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:29 से सुबह 5:17 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:52 से दोपहर 12:41 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:20 से दोपहर 3:10 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 3:22 से शाम 4:55 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 9:11 से सुबह 10:44 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 12:17 से दोपहर 1:49 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। सितंबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
रीमकेर
खमेर · उनतालीस में से एक
कंबोडिया की राष्ट्रीय रामकथा, जिसका नाम ही है राम की कीर्ति। नाम बदल जाते हैं: राम वहाँ प्रेअह रीम, सीता नेअंग सेदा, और रावण क्रोंग रीप। यह कथा किताब से ज़्यादा मंच पर मिलती है, नाच और छाया नाटक में, और इसके दृश्य अंकोर वात तथा राजमहल की दीवारों पर बने हैं।
