पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · भाद्रपद

2 सितंबर 2027 का पंचांग

गुरुवार · भाद्रपद शुक्ल द्वितीया

2 सितंबर 2027, गुरुवार को भाद्रपद शुक्ल द्वितीया है, शाम 4:51 तक; उसके बाद तृतीया। नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी है, शाम 5:36 तक। सूर्योदय सुबह 6:00 और सूर्यास्त शाम 6:42। राहु काल दोपहर 1:56 से दोपहर 3:31 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: हरतालिका तीज, 3 सितंबर 2027, शुक्रवार।

पंचांग

2 सितंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
भाद्रपद शुक्ल द्वितीयाशाम 4:51 तक, फिर तृतीया
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनीशाम 5:36 तक, फिर हस्त
योग
साध्यदोपहर 2:09 तक, फिर शुभ
करण
बालवसुबह 6:18 तक
वार
गुरुवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
भाद्रपद (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
कन्यासूर्योदय के समय
सूर्य राशि
सिंह
सूर्योदय
सुबह 6:00
सूर्यास्त
शाम 6:42
चंद्रोदय
सुबह 7:31
चंद्रास्त
रात 7:34

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:24 से सुबह 5:12 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:55 से दोपहर 12:46 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:28 से दोपहर 3:19 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
दोपहर 1:56 से दोपहर 3:31 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 6:00 से सुबह 7:35 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 9:10 से सुबह 10:45 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। सितंबर 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

रामायण कल्पवृक्षम्

तेलुगु · उनतालीस में से एक

तेलुगु की वह रामकथा जिसे विश्वनाथ सत्यनारायण ने बीसवीं सदी में रचा और जिसका नाम है रामायण कल्पवृक्षम्। यह उस समय लिखी गई जब लोग कह रहे थे कि अब पुरानी कथाओं का ज़माना गया। कवि ने वही कथा दोबारा कही, अपने ढंग से, और उसी पर उन्हें ज्ञानपीठ मिला। यह बताता है कि यह कथा किसी पुरानी सदी में बंद नहीं हुई।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

2 सितंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

2 सितंबर 2027, गुरुवार को भाद्रपद शुक्ल द्वितीया है, शाम 4:51 तक। उसके बाद तृतीया लगती है।

2 सितंबर 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 2 सितंबर 2027 को राहु काल दोपहर 1:56 से दोपहर 3:31 तक है। यमगंड सुबह 6:00 से सुबह 7:35 तक और गुलिक काल सुबह 9:10 से सुबह 10:45 तक है।

2 सितंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र, शाम 5:36 तक, फिर हस्त।

2 सितंबर 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

हरतालिका तीज, 3 सितंबर 2027, शुक्रवार को।