आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · भाद्रपद
22 अगस्त 2027 का पंचांग
रविवार · भाद्रपद कृष्ण पंचमी
22 अगस्त 2027, रविवार को भाद्रपद कृष्ण पंचमी है, रात 8:46 तक; उसके बाद षष्ठी। नक्षत्र रेवती है, सुबह 11:11 तक। सूर्योदय सुबह 5:54 और सूर्यास्त शाम 6:54। राहु काल शाम 5:16 से शाम 6:54 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
त्योहार
इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं
अगला त्योहार: कृष्ण जन्माष्टमी (स्मार्त), 24 अगस्त 2027, मंगलवार।
पंचांग
22 अगस्त 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- भाद्रपद कृष्ण पंचमीरात 8:46 तक, फिर षष्ठी
- नक्षत्र
- रेवतीसुबह 11:11 तक, फिर अश्विनी
- योग
- गंड23 अगस्त, रात 2:20 तक, फिर वृद्धि
- करण
- कौलवसुबह 8:30 तक
- वार
- रविवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- भाद्रपद (पूर्णिमांत)श्रावण (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- मीनसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- सिंह
- सूर्योदय
- सुबह 5:54
- सूर्यास्त
- शाम 6:54
- चंद्रोदय
- रात 9:25
- चंद्रास्त
- सुबह 10:11
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:18 से सुबह 5:06 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:58 से दोपहर 12:50 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:34 से दोपहर 3:26 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- शाम 5:16 से शाम 6:54 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 12:24 से दोपहर 2:01 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 3:39 से शाम 5:16 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अगस्त 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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इस दिन की रामकथा
हनुमान चालीसा
अवधी · उनतालीस में से एक
चालीस चौपाइयों की वह छोटी रचना जो रोज़ पढ़ी जाती है। उसमें इस पूरी रात की बातें गिनी चुनी पंक्तियों में याद कर ली गई हैं, और बहुत से लोग इस रात को इन्हीं पंक्तियों से जानते हैं।