पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · श्रावण

1 अगस्त 2027 का पंचांग

रविवार · श्रावण कृष्ण चतुर्दशी

1 अगस्त 2027, रविवार को श्रावण कृष्ण चतुर्दशी है, शाम 7:21 तक; उसके बाद अमावस्या। नक्षत्र पुनर्वसु है, रात 8:05 तक। सूर्योदय सुबह 5:42 और सूर्यास्त शाम 7:12। राहु काल शाम 5:31 से शाम 7:12 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: हरियाली तीज, 4 अगस्त 2027, बुधवार।

पंचांग

1 अगस्त 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
श्रावण कृष्ण चतुर्दशीशाम 7:21 तक, फिर अमावस्या
नक्षत्र
पुनर्वसुरात 8:05 तक, फिर पुष्य
योग
वज्ररात 10:44 तक, फिर सिद्धि
करण
विष्टि (भद्रा)सुबह 9:11 तक
वार
रविवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
श्रावण (पूर्णिमांत)आषाढ़ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
मिथुनसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
कर्क
सूर्योदय
सुबह 5:42
सूर्यास्त
शाम 7:12
चंद्रोदय
सुबह 4:04
चंद्रास्त
शाम 6:27

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:06 से सुबह 4:54 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
दोपहर 12:00 से दोपहर 12:54 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:42 से दोपहर 3:36 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
शाम 5:31 से शाम 7:12 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 12:27 से दोपहर 2:09 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
दोपहर 3:50 से शाम 5:31 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अगस्त 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

गिरधर रामायण

गुजराती · उनतालीस में से एक

गुजराती की वह रामकथा जिसे गिरधर ने सन 1835 में पूरा किया। उन्होंने कथा मुख्य रूप से वाल्मीकि और हनुमन्नाटक से ली, और उसे सीधी सादी भाषा में लिखा। सबसे बड़ी बात इसका संगीत है: यह कई रागों और छंदों में बँधी है, जैसे धनाश्री, बिलावल, मारू, सोरठ और आसावरी, इसलिए इसे पढ़ा कम और गाया ज़्यादा जाता है।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

1 अगस्त 2027 को कौन सी तिथि है?

1 अगस्त 2027, रविवार को श्रावण कृष्ण चतुर्दशी है, शाम 7:21 तक। उसके बाद अमावस्या लगती है।

1 अगस्त 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 1 अगस्त 2027 को राहु काल शाम 5:31 से शाम 7:12 तक है। यमगंड दोपहर 12:27 से दोपहर 2:09 तक और गुलिक काल दोपहर 3:50 से शाम 5:31 तक है।

1 अगस्त 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

पुनर्वसु नक्षत्र, रात 8:05 तक, फिर पुष्य।

1 अगस्त 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

हरियाली तीज, 4 अगस्त 2027, बुधवार को।