पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · श्रावण

30 जुलाई 2027 का पंचांग

शुक्रवार · श्रावण कृष्ण द्वादशी

30 जुलाई 2027, शुक्रवार को श्रावण कृष्ण द्वादशी है, 31 जुलाई, रात 2:19 तक; उसके बाद त्रयोदशी। नक्षत्र मृगशिरा है, 31 जुलाई, रात 1:24 तक। सूर्योदय सुबह 5:41 और सूर्यास्त शाम 7:14। राहु काल सुबह 10:46 से दोपहर 12:27 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: हरियाली तीज, 4 अगस्त 2027, बुधवार।

पंचांग

30 जुलाई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
श्रावण कृष्ण द्वादशी31 जुलाई, रात 2:19 तक, फिर त्रयोदशी
नक्षत्र
मृगशिरा31 जुलाई, रात 1:24 तक, फिर आर्द्रा
योग
ध्रुवसुबह 10:14 तक, फिर व्याघात
करण
कौलवदोपहर 3:50 तक
वार
शुक्रवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
श्रावण (पूर्णिमांत)आषाढ़ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
वृषभसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
कर्क
सूर्योदय
सुबह 5:41
सूर्यास्त
शाम 7:14
चंद्रोदय
रात 1:48
चंद्रास्त
शाम 4:34

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:05 से सुबह 4:53 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
दोपहर 12:00 से दोपहर 12:55 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:43 से दोपहर 3:37 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
सुबह 10:46 से दोपहर 12:27 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 3:51 से शाम 5:32 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 7:23 से सुबह 9:04 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जुलाई 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

जगमोहन रामायण

ओड़िया · उनतालीस में से एक

ओड़िया की रामकथा जिसे बलराम दास ने लगभग 1500 ईस्वी में रचा, और जिसे दांडी रामायण भी कहते हैं, उस छंद के नाम पर जिसमें यह लिखी है। ओड़िशा में यह घर घर की पोथी है, और इसमें राम जगन्नाथ से जोड़े जाते हैं। विलंका रामायण से यह अलग है: वह लंका के बाद की कथा है, यह पूरी रामकथा।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

30 जुलाई 2027 को कौन सी तिथि है?

30 जुलाई 2027, शुक्रवार को श्रावण कृष्ण द्वादशी है, 31 जुलाई, रात 2:19 तक। उसके बाद त्रयोदशी लगती है।

30 जुलाई 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 30 जुलाई 2027 को राहु काल सुबह 10:46 से दोपहर 12:27 तक है। यमगंड दोपहर 3:51 से शाम 5:32 तक और गुलिक काल सुबह 7:23 से सुबह 9:04 तक है।

30 जुलाई 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

मृगशिरा नक्षत्र, 31 जुलाई, रात 1:24 तक, फिर आर्द्रा।

30 जुलाई 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

हरियाली तीज, 4 अगस्त 2027, बुधवार को।