आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · श्रावण
28 जुलाई 2027 का पंचांग
बुधवार · श्रावण कृष्ण नवमी
28 जुलाई 2027, बुधवार को श्रावण कृष्ण नवमी है, सुबह 9:16 तक; उसके बाद दशमी। नक्षत्र भरणी है, सुबह 5:48 तक। सूर्योदय सुबह 5:40 और सूर्यास्त शाम 7:15। राहु काल दोपहर 12:28 से दोपहर 2:09 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
28 जुलाई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- श्रावण कृष्ण नवमीसुबह 9:16 तक, फिर दशमी
- नक्षत्र
- भरणीसुबह 5:48 तक, फिर कृत्तिका
- योग
- गंडदोपहर 3:54 तक, फिर वृद्धि
- करण
- गरसुबह 9:16 तक
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- श्रावण (पूर्णिमांत)आषाढ़ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- मेषसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- कर्क
- सूर्योदय
- सुबह 5:40
- सूर्यास्त
- शाम 7:15
- चंद्रोदय
- रात 12:04
- चंद्रास्त
- दोपहर 2:22
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:04 से सुबह 4:52 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:00 से दोपहर 12:55 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:43 से दोपहर 3:38 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 12:28 से दोपहर 2:09 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 7:22 से सुबह 9:04 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 10:46 से दोपहर 12:28 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जुलाई 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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इस दिन की रामकथा
हिकायत सेरी राम
मलय · उनतालीस में से एक
मलय में लिखी रामकथा, हिकायत सेरी राम। हिकायत यानी सुनाई जाने वाली कहानी, इसलिए यह गद्य में है। यहाँ हनुमान सेरी राम के अपने बेटे हैं, और सीता सिति देवी। इसकी सबसे पुरानी पोथी 1633 से पहले की है, और केलंतान के छाया नाटक में इसके प्रसंग आज भी खेले जाते हैं।