आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · श्रावण
23 जुलाई 2027 का पंचांग
शुक्रवार · श्रावण कृष्ण चतुर्थी
23 जुलाई 2027, शुक्रवार को श्रावण कृष्ण चतुर्थी है, सुबह 6:57 तक; उसके बाद पंचमी। नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है, 24 जुलाई, रात 1:54 तक। सूर्योदय सुबह 5:37 और सूर्यास्त शाम 7:18। राहु काल सुबह 10:45 से दोपहर 12:28 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
23 जुलाई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- श्रावण कृष्ण चतुर्थीसुबह 6:57 तक, फिर पंचमी
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपद24 जुलाई, रात 1:54 तक, फिर उत्तरा भाद्रपद
- योग
- शोभनरात 8:04 तक, फिर अतिगंड
- करण
- बालवसुबह 6:57 तक
- वार
- शुक्रवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- श्रावण (पूर्णिमांत)आषाढ़ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- कुंभसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- कर्क
- सूर्योदय
- सुबह 5:37
- सूर्यास्त
- शाम 7:18
- चंद्रोदय
- रात 9:51
- चंद्रास्त
- सुबह 9:31
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:01 से सुबह 4:49 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:00 से दोपहर 12:55 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:44 से दोपहर 3:39 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 10:45 से दोपहर 12:28 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 3:53 से शाम 5:35 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 7:20 से सुबह 9:02 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जुलाई 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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इस दिन की रामकथा
तिब्बती रामकथा
तिब्बती · उनतालीस में से एक
तिब्बती में मिली रामकथा, जिसके पन्ने दुनहुआंग की उन गुफाओं से मिले जहाँ सदियों तक पुरानी पोथियाँ बंद पड़ी रहीं। यानी यह कथा रेशम वाले रास्ते पर चलते चलते हिमालय के उस पार तक जा पहुँची।