आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आषाढ़
8 जुलाई 2027 का पंचांग
गुरुवार · आषाढ़ शुक्ल पंचमी
8 जुलाई 2027, गुरुवार को आषाढ़ शुक्ल पंचमी है, शाम 4:08 तक; उसके बाद षष्ठी। नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है, 9 जुलाई, रात 12:19 तक। सूर्योदय सुबह 5:30 और सूर्यास्त शाम 7:23। राहु काल दोपहर 2:10 से दोपहर 3:54 तक है। इस दिन स्कंद षष्ठी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
8 जुलाई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आषाढ़ शुक्ल पंचमीशाम 4:08 तक, फिर षष्ठी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनी9 जुलाई, रात 12:19 तक, फिर उत्तरा फाल्गुनी
- योग
- व्यतीपातरात 8:53 तक, फिर वरीयान
- करण
- बालवशाम 4:08 तक
- वार
- गुरुवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- आषाढ़ (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- सिंहसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मिथुन
- सूर्योदय
- सुबह 5:30
- सूर्यास्त
- शाम 7:23
- चंद्रोदय
- सुबह 10:00
- चंद्रास्त
- रात 10:35
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:54 से सुबह 4:42 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:58 से दोपहर 12:54 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:45 से दोपहर 3:40 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 2:10 से दोपहर 3:54 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 5:30 से सुबह 7:14 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 8:58 से सुबह 10:42 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जुलाई 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
रंगनाथ रामायण
तेलुगु, द्विपद छंद · उनतालीस में से एक
तेलुगु की पहली पूरी रामायण, द्विपद छंद में, जिसे गाकर सुनाया जाता है। इसीलिए यह दरबार की नहीं, लोगों की कथा लगती है। इसमें कई लोक प्रसंग जुड़े हैं, जैसे पुल बनाने में मदद करने वाली गिलहरी, और आज भी चमड़े की कठपुतलियों वाले नाटक इसके द्विपद गाते हैं।