आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आषाढ़
1 जुलाई 2027 का पंचांग
गुरुवार · आषाढ़ कृष्ण द्वादशी
1 जुलाई 2027, गुरुवार को आषाढ़ कृष्ण द्वादशी है, शाम 6:15 तक; उसके बाद त्रयोदशी। नक्षत्र कृत्तिका है, रात 7:31 तक। सूर्योदय सुबह 5:27 और सूर्यास्त शाम 7:23। राहु काल दोपहर 2:09 से दोपहर 3:54 तक है। इस दिन प्रदोष व्रत है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
1 जुलाई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आषाढ़ कृष्ण द्वादशीशाम 6:15 तक, फिर त्रयोदशी
- नक्षत्र
- कृत्तिकारात 7:31 तक, फिर रोहिणी
- योग
- धृतिसुबह 5:58 तक, फिर शूल
- करण
- कौलवसुबह 7:28 तक
- वार
- गुरुवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- आषाढ़ (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- वृषभसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मिथुन
- सूर्योदय
- सुबह 5:27
- सूर्यास्त
- शाम 7:23
- चंद्रोदय
- रात 2:13
- चंद्रास्त
- शाम 4:41
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:51 से सुबह 4:39 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:57 से दोपहर 12:53 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:44 से दोपहर 3:40 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 2:09 से दोपहर 3:54 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 5:27 से सुबह 7:11 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 8:56 से सुबह 10:40 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जुलाई 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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इस दिन की रामकथा
कंब रामायण
तमिल · उनतालीस में से एक
तमिल की सबसे बड़ी रामकथा, जिसे कंबन ने रचा। इसमें हर हिस्से का अपना अध्याय है, जैसे नगर ढूँढने का अध्याय और लौटकर चरणों में सिर रखने का अध्याय। कंबन ब्योरे में नहीं, दृश्य में जाते हैं, इसलिए उनकी लंका देखी हुई लगती है।