आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · ज्येष्ठ
9 जून 2027 का पंचांग
बुधवार · ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी
9 जून 2027, बुधवार को ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी है, सुबह 9:36 तक; उसके बाद षष्ठी। नक्षत्र आश्लेषा है, रात 7:48 तक। सूर्योदय सुबह 5:23 और सूर्यास्त शाम 7:18। राहु काल दोपहर 12:20 से दोपहर 2:05 तक है। इस दिन स्कंद षष्ठी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
9 जून 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- ज्येष्ठ शुक्ल पंचमीसुबह 9:36 तक, फिर षष्ठी
- नक्षत्र
- आश्लेषारात 7:48 तक, फिर मघा
- योग
- व्याघातशाम 6:17 तक, फिर हर्षण
- करण
- बालवसुबह 9:36 तक
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- कर्कसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- वृषभ
- सूर्योदय
- सुबह 5:23
- सूर्यास्त
- शाम 7:18
- चंद्रोदय
- सुबह 10:02
- चंद्रास्त
- रात 11:27
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:47 से सुबह 4:35 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:53 से दोपहर 12:48 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:40 से दोपहर 3:35 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 12:20 से दोपहर 2:05 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 7:07 से सुबह 8:52 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 10:36 से दोपहर 12:20 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जून 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
फ़ोन पर Google का पन्ना ठीक से न खुले, तो यही बटन कंप्यूटर पर दबाइए। जुड़ते ही यह फ़ोन में भी दिखेगा।
जोड़ते समय “Remove Alerts” बंद कर दें (टिक हटा दें), तो बड़े त्योहारों की सुबह 7 बजे याद भी आएगी कि अपनों को कार्ड भेजना है।
- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल
इस दिन की रामकथा
कण्णस्स रामायणम्
मलयालम · उनतालीस में से एक
मलयालम की उस दौर की रामकथा जिसे निरणम के राम पणिक्कर ने चौदहवीं सदी में रचा, और जिसे कण्णस्स रामायणम् कहते हैं। एषुत्तच्छन से यह पुरानी है, और इसी तरह की रचनाओं ने उस भाषा को कथा कहने लायक बनाया। यह काम निरणम वाले कवियों के नाम से जाना जाता है।