आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · ज्येष्ठ
4 जून 2027 का पंचांग
शुक्रवार · ज्येष्ठ अमावस्या
4 जून 2027, शुक्रवार को ज्येष्ठ अमावस्या है, 5 जून, रात 1:10 तक; उसके बाद प्रतिपदा। नक्षत्र कृत्तिका है, सुबह 9:14 तक। सूर्योदय सुबह 5:23 और सूर्यास्त शाम 7:16। राहु काल सुबह 10:35 से दोपहर 12:20 तक है। इस दिन वट सावित्री, शनि जयंती है। समय नई दिल्ली के हैं।
त्योहार
इस दिन के त्योहार और व्रत
पंचांग
4 जून 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- ज्येष्ठ अमावस्या5 जून, रात 1:10 तक, फिर प्रतिपदा
- नक्षत्र
- कृत्तिकासुबह 9:14 तक, फिर रोहिणी
- योग
- सुकर्मादोपहर 3:47 तक, फिर धृति
- करण
- चतुष्पददोपहर 2:41 तक
- वार
- शुक्रवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)वैशाख (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- वृषभसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- वृषभ
- सूर्योदय
- सुबह 5:23
- सूर्यास्त
- शाम 7:16
- चंद्रोदय
- सुबह 4:27
- चंद्रास्त
- शाम 7:04
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:47 से सुबह 4:35 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:52 से दोपहर 12:47 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:38 से दोपहर 3:34 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 10:35 से दोपहर 12:20 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 3:48 से शाम 5:32 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 7:07 से सुबह 8:51 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जून 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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इस दिन की रामकथा
तोरवे रामायण
कन्नड़ · उनतालीस में से एक
कन्नड़ की पहली वैष्णव रामकथा, भामिनी षट्पदी छंद में, जिसे गाकर पढ़ा जाता है। इसके कवि नरहरि को कुमार वाल्मीकि कहा जाता है। कथा शिव पार्वती को सुनाते हैं, और यह मोटे तौर पर वाल्मीकि के साथ चलती है।

