आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · वैशाख
2 मई 2027 का पंचांग
रविवार · वैशाख कृष्ण एकादशी
2 मई 2027, रविवार को वैशाख कृष्ण एकादशी है, रात 7:52 तक; उसके बाद द्वादशी। नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है, 3 मई, रात 2:40 तक। सूर्योदय सुबह 5:40 और सूर्यास्त शाम 6:57। राहु काल शाम 5:17 से शाम 6:57 तक है। इस दिन वरूथिनी एकादशी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
2 मई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- वैशाख कृष्ण एकादशीरात 7:52 तक, फिर द्वादशी
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपद3 मई, रात 2:40 तक, फिर उत्तरा भाद्रपद
- योग
- ऐंद्रशाम 6:30 तक, फिर वैधृति
- करण
- बवसुबह 7:29 तक
- वार
- रविवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- वैशाख (पूर्णिमांत)चैत्र (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- कुंभसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मेष
- सूर्योदय
- सुबह 5:40
- सूर्यास्त
- शाम 6:57
- चंद्रोदय
- रात 2:53
- चंद्रास्त
- दोपहर 3:03
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:04 से सुबह 4:52 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:52 से दोपहर 12:45 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:31 से दोपहर 3:24 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- शाम 5:17 से शाम 6:57 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 12:18 से दोपहर 1:58 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 3:38 से शाम 5:17 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मई 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
लंका सिप हो
ताई लू · उनतालीस में से एक
युन्नान के ताई लू लोगों की रामकथा, लंका सिप हो। नाम का मतलब है लंका के दस सिर, यानी दस सिरों वाला राजा। यहाँ हनुमान अनुमान हैं, सीता सिला, और राम लाम मा; सबूत के लिए अनुमान सिला के सात बाल लेकर लौटते हैं।