आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · वैशाख
29 अप्रैल 2027 का पंचांग
गुरुवार · वैशाख कृष्ण अष्टमी
29 अप्रैल 2027, गुरुवार को वैशाख कृष्ण अष्टमी है, दोपहर 3:02 तक; उसके बाद नवमी। नक्षत्र श्रवण है, रात 8:31 तक। सूर्योदय सुबह 5:43 और सूर्यास्त शाम 6:55। राहु काल दोपहर 1:58 से दोपहर 3:37 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
29 अप्रैल 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- वैशाख कृष्ण अष्टमीदोपहर 3:02 तक, फिर नवमी
- नक्षत्र
- श्रवणरात 8:31 तक, फिर धनिष्ठा
- योग
- शुभशाम 5:43 तक, फिर शुक्ल
- करण
- कौलवदोपहर 3:02 तक
- वार
- गुरुवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- वैशाख (पूर्णिमांत)चैत्र (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- मकरसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मेष
- सूर्योदय
- सुबह 5:43
- सूर्यास्त
- शाम 6:55
- चंद्रोदय
- रात 1:22
- चंद्रास्त
- दोपहर 12:18
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:07 से सुबह 4:55 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:52 से दोपहर 12:45 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:31 से दोपहर 3:24 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 1:58 से दोपहर 3:37 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 5:43 से सुबह 7:22 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 9:01 से सुबह 10:40 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अप्रैल 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
रामचरितमानस
अवधी · उनतालीस में से एक
अवधी में तुलसीदास की रचना, जो उत्तर भारत में सबसे ज़्यादा पढ़ी और गाई जाती है। यहाँ कथा भक्ति की तरफ़ झुकती है: हनुमान मच्छर जितने छोटे होते हैं, विभीषण का घर तुलसी से पहचाना जाता है, और लौटने से पहले विदा लेना उतना ही ज़रूरी है जितना लंका जलाना।