आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · चैत्र
19 अप्रैल 2027 का पंचांग
सोमवार · चैत्र शुक्ल त्रयोदशी
19 अप्रैल 2027, सोमवार को चैत्र शुक्ल त्रयोदशी है, सुबह 6:09 तक; उसके बाद चतुर्दशी। नक्षत्र हस्त है, 20 अप्रैल, सुबह 4:41 तक। सूर्योदय सुबह 5:52 और सूर्यास्त शाम 6:49। राहु काल सुबह 7:29 से सुबह 9:06 तक है। इस दिन महावीर जयंती है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
19 अप्रैल 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- चैत्र शुक्ल त्रयोदशीसुबह 6:09 तक, फिर चतुर्दशी
- नक्षत्र
- हस्त20 अप्रैल, सुबह 4:41 तक, फिर चित्रा
- योग
- व्याघातरात 7:45 तक, फिर हर्षण
- करण
- तैतिलसुबह 6:09 तक
- वार
- सोमवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- चैत्र (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- कन्यासूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मेष
- सूर्योदय
- सुबह 5:52
- सूर्यास्त
- शाम 6:49
- चंद्रोदय
- शाम 5:25
- चंद्रास्त
- सुबह 4:31
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:16 से सुबह 5:04 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:55 से दोपहर 12:46 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:30 से दोपहर 3:22 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 7:29 से सुबह 9:06 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 10:43 से दोपहर 12:21 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 1:58 से दोपहर 3:35 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अप्रैल 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
आनंद रामायण
संस्कृत · उनतालीस में से एक
नौ कांडों का ग्रंथ, जिसमें पूरी वाल्मीकि कथा पहले ही कांड में सिमट जाती है, और बाक़ी आठ कांड नई कथाओं के हैं। इसमें ऐसे कई प्रसंग जुड़े हैं जो पुराने पाठों में नहीं मिलते। इसका रामरक्षा स्तोत्र आज भी रोज़ पढ़ा जाता है।
