आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · चैत्र
30 मार्च 2027 का पंचांग
मंगलवार · चैत्र कृष्ण अष्टमी
30 मार्च 2027, मंगलवार को चैत्र कृष्ण अष्टमी है, रात 7:40 तक; उसके बाद नवमी। नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है, 31 मार्च, सुबह 6:21 तक। सूर्योदय सुबह 6:14 और सूर्यास्त शाम 6:38। राहु काल दोपहर 3:32 से शाम 5:05 तक है। इस दिन शीतला अष्टमी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
30 मार्च 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- चैत्र कृष्ण अष्टमीरात 7:40 तक, फिर नवमी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा31 मार्च, सुबह 6:21 तक, फिर उत्तराषाढ़ा
- योग
- वरीयानसुबह 6:55 तक, फिर परिघ
- करण
- बालवसुबह 6:24 तक
- वार
- मंगलवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- चैत्र (पूर्णिमांत)फाल्गुन (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- धनुसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मीन
- सूर्योदय
- सुबह 6:14
- सूर्यास्त
- शाम 6:38
- चंद्रोदय
- रात 1:27
- चंद्रास्त
- सुबह 11:41
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:38 से सुबह 5:26 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:01 से दोपहर 12:51 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:30 से दोपहर 3:19 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 3:32 से शाम 5:05 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 9:20 से सुबह 10:53 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 12:26 से दोपहर 1:59 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मार्च 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
फ़ोन पर Google का पन्ना ठीक से न खुले, तो यही बटन कंप्यूटर पर दबाइए। जुड़ते ही यह फ़ोन में भी दिखेगा।
जोड़ते समय “Remove Alerts” बंद कर दें (टिक हटा दें), तो बड़े त्योहारों की सुबह 7 बजे याद भी आएगी कि अपनों को कार्ड भेजना है।
- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल
इस दिन की रामकथा
रामायण कल्पवृक्षम्
तेलुगु · उनतालीस में से एक
तेलुगु की वह रामकथा जिसे विश्वनाथ सत्यनारायण ने बीसवीं सदी में रचा और जिसका नाम है रामायण कल्पवृक्षम्। यह उस समय लिखी गई जब लोग कह रहे थे कि अब पुरानी कथाओं का ज़माना गया। कवि ने वही कथा दोबारा कही, अपने ढंग से, और उसी पर उन्हें ज्ञानपीठ मिला। यह बताता है कि यह कथा किसी पुरानी सदी में बंद नहीं हुई।
