आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · माघ
17 फ़रवरी 2027 का पंचांग
बुधवार · माघ शुक्ल एकादशी
17 फ़रवरी 2027, बुधवार को माघ शुक्ल एकादशी है, शाम 5:32 तक; उसके बाद द्वादशी। नक्षत्र आर्द्रा है, रात 11:29 तक। सूर्योदय सुबह 6:58 और सूर्यास्त शाम 6:12। राहु काल दोपहर 12:35 से दोपहर 2:00 तक है। इस दिन जया एकादशी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
17 फ़रवरी 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- माघ शुक्ल एकादशीशाम 5:32 तक, फिर द्वादशी
- नक्षत्र
- आर्द्रारात 11:29 तक, फिर पुनर्वसु
- योग
- प्रीति18 फ़रवरी, रात 2:38 तक, फिर आयुष्मान
- करण
- वणिजसुबह 6:59 तक
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- माघ (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- मिथुनसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- कुंभ
- सूर्योदय
- सुबह 6:58
- सूर्यास्त
- शाम 6:12
- चंद्रोदय
- दोपहर 2:08
- चंद्रास्त
- रात 3:49
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:22 से सुबह 6:10 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:13 से दोपहर 12:58 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:28 से दोपहर 3:13 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 12:35 से दोपहर 2:00 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 8:22 से सुबह 9:47 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 11:11 से दोपहर 12:35 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। फ़रवरी 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
फ़ोन पर Google का पन्ना ठीक से न खुले, तो यही बटन कंप्यूटर पर दबाइए। जुड़ते ही यह फ़ोन में भी दिखेगा।
जोड़ते समय “Remove Alerts” बंद कर दें (टिक हटा दें), तो बड़े त्योहारों की सुबह 7 बजे याद भी आएगी कि अपनों को कार्ड भेजना है।
- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल
इस दिन की रामकथा
तिब्बती रामकथा
तिब्बती · उनतालीस में से एक
तिब्बती में मिली रामकथा, जिसके पन्ने दुनहुआंग की उन गुफाओं से मिले जहाँ सदियों तक पुरानी पोथियाँ बंद पड़ी रहीं। यानी यह कथा रेशम वाले रास्ते पर चलते चलते हिमालय के उस पार तक जा पहुँची।