आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · माघ
12 फ़रवरी 2027 का पंचांग
शुक्रवार · माघ शुक्ल षष्ठी
12 फ़रवरी 2027, शुक्रवार को माघ शुक्ल षष्ठी है, 13 फ़रवरी, रात 3:00 तक; उसके बाद सप्तमी। नक्षत्र अश्विनी है, 13 फ़रवरी, सुबह 5:56 तक। सूर्योदय सुबह 7:02 और सूर्यास्त शाम 6:09। राहु काल सुबह 11:12 से दोपहर 12:36 तक है। इस दिन स्कंद षष्ठी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
12 फ़रवरी 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- माघ शुक्ल षष्ठी13 फ़रवरी, रात 3:00 तक, फिर सप्तमी
- नक्षत्र
- अश्विनी13 फ़रवरी, सुबह 5:56 तक, फिर भरणी
- योग
- शुभशाम 7:03 तक, फिर शुक्ल
- करण
- कौलवदोपहर 3:13 तक
- वार
- शुक्रवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- माघ (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- मेषसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मकर
- सूर्योदय
- सुबह 7:02
- सूर्यास्त
- शाम 6:09
- चंद्रोदय
- सुबह 9:52
- चंद्रास्त
- रात 11:30
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:26 से सुबह 6:14 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:13 से दोपहर 12:58 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:27 से दोपहर 3:11 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 11:12 से दोपहर 12:36 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 3:22 से शाम 4:45 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 8:26 से सुबह 9:49 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। फ़रवरी 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
कण्णस्स रामायणम्
मलयालम · उनतालीस में से एक
मलयालम की उस दौर की रामकथा जिसे निरणम के राम पणिक्कर ने चौदहवीं सदी में रचा, और जिसे कण्णस्स रामायणम् कहते हैं। एषुत्तच्छन से यह पुरानी है, और इसी तरह की रचनाओं ने उस भाषा को कथा कहने लायक बनाया। यह काम निरणम वाले कवियों के नाम से जाना जाता है।