आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · माघ
5 फ़रवरी 2027 का पंचांग
शुक्रवार · माघ कृष्ण चतुर्दशी
5 फ़रवरी 2027, शुक्रवार को माघ कृष्ण चतुर्दशी है, शाम 7:06 तक; उसके बाद अमावस्या। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, शाम 6:32 तक। सूर्योदय सुबह 7:07 और सूर्यास्त शाम 6:03। राहु काल सुबह 11:13 से दोपहर 12:35 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
5 फ़रवरी 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- माघ कृष्ण चतुर्दशीशाम 7:06 तक, फिर अमावस्या
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ाशाम 6:32 तक, फिर श्रवण
- योग
- सिद्धिरात 8:33 तक, फिर व्यतीपात
- करण
- शकुनिशाम 7:06 तक
- वार
- शुक्रवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- माघ (पूर्णिमांत)पौष (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- मकरसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मकर
- सूर्योदय
- सुबह 7:07
- सूर्यास्त
- शाम 6:03
- चंद्रोदय
- सुबह 6:17
- चंद्रास्त
- शाम 4:56
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:31 से सुबह 6:19 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:13 से दोपहर 12:57 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:25 से दोपहर 3:08 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 11:13 से दोपहर 12:35 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 3:19 से शाम 4:41 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 8:29 से सुबह 9:51 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। फ़रवरी 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
सप्तकांड रामायण
असमिया · उनतालीस में से एक
असमिया की पहली बड़ी रामकथा, माधव कंदली की, जो चौदहवीं सदी में लिखी गई। कवि ने ख़ुद कहा है कि उन्होंने लंबी बातें छोड़कर सार लिया, ताकि आम लोग समझ सकें। यहाँ राम और सीता अपनी कमज़ोरियों के साथ इंसान हैं।