आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · मार्गशीर्ष
17 दिसंबर 2026 का पंचांग
गुरुवार · मार्गशीर्ष शुक्ल अष्टमी
17 दिसंबर 2026, गुरुवार को मार्गशीर्ष शुक्ल अष्टमी है, रात 11:26 तक; उसके बाद नवमी। नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है, दोपहर 3:31 तक। सूर्योदय सुबह 7:07 और सूर्यास्त शाम 5:27। राहु काल दोपहर 1:35 से दोपहर 2:52 तक है। इस दिन मासिक दुर्गाष्टमी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
17 दिसंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- मार्गशीर्ष शुक्ल अष्टमीरात 11:26 तक, फिर नवमी
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपददोपहर 3:31 तक, फिर उत्तरा भाद्रपद
- योग
- सिद्धिदोपहर 1:22 तक, फिर व्यतीपात
- करण
- विष्टि (भद्रा)सुबह 11:13 तक
- वार
- गुरुवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- कुंभसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- धनु
- सूर्योदय
- सुबह 7:07
- सूर्यास्त
- शाम 5:27
- चंद्रोदय
- दोपहर 12:16
- चंद्रास्त
- इस दिन नहीं
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:31 से सुबह 6:19 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:56 से दोपहर 12:38 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:00 से दोपहर 2:42 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 1:35 से दोपहर 2:52 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 7:07 से सुबह 8:25 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 9:42 से सुबह 11:00 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। दिसंबर 2026 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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इस दिन की रामकथा
रामकियेन
थाई · उनतालीस में से एक
थाईलैंड की राष्ट्रीय रामकथा, जिसे आज के रूप में अठारहवीं सदी में राजा राम प्रथम के दरबार ने पूरा किया। नाम बदल जाते हैं: राम यहाँ फ्रा राम हैं, सीता नांग सीदा, रावण थोतसकान, और विभीषण फिपेक। हनुमान यहाँ सफ़ेद वानर हैं और ब्रह्मचारी नहीं। यह कथा पढ़ी कम, नाची और खेली ज़्यादा जाती है, खोन नृत्य और छाया नाटक में।