पंचांग 2026

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · मार्गशीर्ष

16 दिसंबर 2026 का पंचांग

बुधवार · मार्गशीर्ष शुक्ल सप्तमी

16 दिसंबर 2026, बुधवार को मार्गशीर्ष शुक्ल सप्तमी है, रात 10:46 तक; उसके बाद अष्टमी। नक्षत्र शतभिषा है, दोपहर 2:03 तक। सूर्योदय सुबह 7:07 और सूर्यास्त शाम 5:27। राहु काल दोपहर 12:17 से दोपहर 1:34 तक है। इस दिन धनु संक्रांति है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन के त्योहार और व्रत

पंचांग

16 दिसंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
मार्गशीर्ष शुक्ल सप्तमीरात 10:46 तक, फिर अष्टमी
नक्षत्र
शतभिषादोपहर 2:03 तक, फिर पूर्वा भाद्रपद
योग
वज्रदोपहर 1:46 तक, फिर सिद्धि
करण
गरसुबह 10:08 तक
वार
बुधवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2083
चंद्र राशि
कुंभसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
वृश्चिक
सूर्योदय
सुबह 7:07
सूर्यास्त
शाम 5:27
चंद्रोदय
सुबह 11:48
चंद्रास्त
रात 11:52

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 5:31 से सुबह 6:19 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:56 से दोपहर 12:37 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:00 से दोपहर 2:41 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
दोपहर 12:17 से दोपहर 1:34 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 8:24 से सुबह 9:42 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 10:59 से दोपहर 12:17 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। दिसंबर 2026 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

ककविन रामायण

पुरानी जावानी · उनतालीस में से एक

जावा की सबसे पुरानी रामकथा, नौवीं सदी के अंत में मध्य जावा में लिखी गई, छब्बीस सर्गों की। यह वाल्मीकि से नहीं, भट्टिकाव्य नाम की संस्कृत रचना से ली गई है, और लगभग दो तिहाई उसी के पास चलती है, फिर अपने रास्ते। पूर्वी जावा के पनातरन मंदिर की दीवारों पर इसी कथा के दृश्य खुदे हैं।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

16 दिसंबर 2026 को कौन सी तिथि है?

16 दिसंबर 2026, बुधवार को मार्गशीर्ष शुक्ल सप्तमी है, रात 10:46 तक। उसके बाद अष्टमी लगती है।

16 दिसंबर 2026 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 16 दिसंबर 2026 को राहु काल दोपहर 12:17 से दोपहर 1:34 तक है। यमगंड सुबह 8:24 से सुबह 9:42 तक और गुलिक काल सुबह 10:59 से दोपहर 12:17 तक है।

16 दिसंबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

शतभिषा नक्षत्र, दोपहर 2:03 तक, फिर पूर्वा भाद्रपद।

16 दिसंबर 2026 को कौन सा त्योहार या व्रत है?

16 दिसंबर 2026 को धनु संक्रांति है।